25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों द्वारा किए गए राजनीतिक हत्याकांड की याद आज भी लोगों को झकझोर देती है। इस हमले में कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं सहित 30 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। हमले में घायल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने उस दिन की तीन महत्वपूर्ण तस्वीरें साझा की हैं। पहली तस्वीर सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की है। इसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, विद्याचरण शुक्ल, नंद कुमार पटेल और सुरेन्द्र शर्मा मंच पर दिख रहे हैं। दूसरी तस्वीर जगदलपुर के महारानी अस्पताल की है। यहां गोली लगने के बाद सुरेन्द्र शर्मा का इलाज चल रहा था। तीसरी तस्वीर रायपुर के अस्पताल की है। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी घायलों से मिलने पहुंचे थे। झीरम घाटी नक्सली हमला: 12 साल बाद भी जवाब का इंतज़ार सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि घटना को 12 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब भी उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा सरकार इस हमले की गहराई से जांच कराएगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अब तक इस हमले के पीछे की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। बतादें कि सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम के बाद लौट रहे कांग्रेस के काफिले में शामिल शीर्ष नेताओं समेत 30 से अधिक लोगों की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। घटना के समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार थी और कांग्रेस विपक्ष में। कांग्रेस ने इस हमले के पीछे साजिश का संदेह जताया और कई बार पूरी जांच की मांग की। वहीं 2018 में जब कांग्रेस सत्ता में आई, तब बीजेपी ने भी यही सवाल उठाए कि सत्तारूढ़ पार्टी इस हमले की सच्चाई क्यों नहीं उजागर कर रही। झीरम की जांच को आगे बढ़ाने सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति इस मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई थी, साथ ही एसआईटी का गठन भी किया गया। हालांकि, एनआईए द्वारा हाई कोर्ट जाने के बाद जांच प्रक्रिया पर रोक लग गई थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिससे एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगी है।


