बस्तर में दरभा के झीरम घाटी में हुए नरसंहार के आज 12 बरस पूरे हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, जब राज्य में हमारी सरकार आई तो इस हमले का सच बाहर लाने और जांच करने हमने फौरन एक SIT का गठन किया था। लेकिन केंद्र सरकार जांच में बाधा डाल रही थी। दीपक बैज ने कहा कि, इस हत्याकांड की जांच करने के लिए हमने NIA से रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन NIA ने हमें रिपोर्ट नहीं सौंपी। केंद्र का दबाव आ रहा था। बैज का कहना है कि हमारे नेताओं के परिवार के सदस्य भी झीरम हमले की सच्चाई जानना चाहते हैं। उन्हें न्याय का इंतजार है। लेकिन, BJP की मंशा कुछ और ही है। सांसद महेश कश्यप ने कहा-राजनीति कर रहे दीपक वहीं बस्तर सांसद महेश कश्यप का कहना है कि, कांग्रेस नेताओं की आंतरिक गुटबाजी का ही परिणाम झीरम हमला था। उन्होंने कहा कि, वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर झीरम के सच को उजागर करने की मांग करेंगे। दीपक बैज को लेकर कहा कि, PCC चीफ हर जगह राजनीति की दुकान चला रहे हैं। PCC चीफ को अपने पार्टी के गिरेबान में झांक लेना चाहिए। झीरमकांड के दौरान जब प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्राण नक्सलियों ने लिए तो पूर्व मंत्री कवासी लखमा बचकर एक मोटरसाइकिल से वहां से निकल जाते हैं। ये किस ओर इशारा कर रहा है, उन्हें इसपर सोचना चाहिए। नेताओं ने दी श्रद्धांजलि 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर बस्तर टाइगर के नाम से चर्चित महेंद्र कर्मा, विद्या चरण शुक्ल, नंद कुमार पटेल समेत कांग्रेस के टॉप लीडर्स की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। वहीं आज ही के दिन झीरम हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेता और जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत अन्य नेता भी झीरम पहुंचे।


