झुंझुनूं के 30 किसानों का दल हिमाचल रवाना:कुल्लू में सीखेंगे उन्नत खेती और पशुपालन की तकनीक

झुंझुनूं के किसानों को आधुनिक तकनीक से रूबरू करवाने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से आत्मा योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रविवार को झुंझुनूं के 30 प्रगतिशील किसानों का एक दल सात दिवसीय अंतरराज्यीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुआ। उपनिदेशक (कृषि विस्तार) एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) शीशराम जाखड़ ने कलेक्ट्रेट परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) में होगी ट्रेनिंग यह सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI), गड़सा में आयोजित किया जा रहा है। यहां किसानों को विशेषज्ञों द्वारा कृषि और पशुपालन क्षेत्र की नवीनतम बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु आधुनिकता और नवाचार को अपनाना है। इन विषयों पर रहेगा विशेष ध्यान हिमाचल की तर्ज पर कम पानी में बेहतर सिंचाई और जल संचयन की आधुनिक तकनीकें। उन्नत भेड़ पालन के तहत भेड़ों की नस्ल सुधार, ऊन उत्पादन की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रबंधन। पशुपालन की आधुनिक विधियां में पशुओं के आहार, आवास और बीमारियों से बचाव के उन्नत तरीके। संस्थान भ्रमण के तहत किसान हिमाचल के विभिन्न कृषि और पशुधन संस्थानों का दौरा कर वहां के सफल मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे। उपनिदेशक शीशराम जाखड़ ने किसानों से कहा कि वर्तमान में बदलती जलवायु के अनुसार खेती करना समय की मांग है। उन्होंने बताया- यह प्रशिक्षण झुंझुनूं के किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें जलवायु अनुकूल कृषि अपनाने में सक्षम बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। यहाँ से प्राप्त तकनीक को किसान अपने खेतों में लागू कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे। उपनिदेशक (कृषि विस्तार) झुंझुनूं शीशराम जाखड़ ने कहा कि आत्मा योजना के तहत 30 किसानों के दल को हिमाचल भेजा गया है। गड़सा (कुल्लू) में ये किसान जल संरक्षण और उन्नत पशुपालन की ट्रेनिंग लेंगे, ताकि जिले में कृषि की नई तकनीकों का प्रसार हो सके।

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