झुंझुनूं को मिलेंगी 20 नई बसें:अनुबन्धन में पर मिलेगी बसें, निजी ऑपरेटरों का एकाधिकार होगा खत्म

निजी बस ऑपरेटरों की बढ़ती मनमानी और रोडवेज बेड़े में बसों की कमी को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने 445 नई बसों को अनुबंध पर लेने का फैसला किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट में शेखावाटी का झुंझुनूं जिला ‘लकी’ साबित हुआ है, जिसके हिस्से में 20 नई बसें आई हैं। झुंझुनूं जिला न केवल सैनिकों की खान है, बल्कि यहां से जयपुर, दिल्ली और हरियाणा के लिए हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं। वर्तमान में बसों की कमी के कारण यात्रियों को निजी बसों के ऊंचे किराए और असुरक्षित सफर का सहारा लेना पड़ रहा था। अब 20 नई बसें मिलने से जिले का परिवहन ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा। झुंझुनूं के साथ ही खेतड़ी को 15 और सीकर को 10 नई बसें मिलने से पूरे शेखावाटी बेल्ट में रोडवेज का नेटवर्क मजबूत होगा। प्रमुख मार्गों पर प्राइवेट बसों कब्जा पिछले कुछ वर्षों में बसों की कमी का फायदा उठाकर निजी बस ऑपरेटरों ने प्रमुख मार्गों पर अपना कब्जा जमा लिया। किराया अपनी मर्जी से वसूलना और क्षमता से अधिक सवारियां भरना आम बात हो गई। 3×2 सिटिंग की बसें :रोडवेज अब 3×2 सिटिंग अरेंजमेंट वाली बसें ला रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था यात्रियों के लिए आरामदायक है और किराए के मामले में भी यह निजी बसों को सीधे तौर पर पछाड़ देगी। बंद रूटों पर फिर दौड़ेगी ‘नीली बसें’ झुंझुनूं डिपो के कई ऐसे ग्रामीण मार्ग थे जिन्हें घाटे या बसों की कमी की वजह से बंद कर दिया गया था। 20 नई बसों के आने से इन रूटों को फिर से जीवित किया जाएगा। झुंझुनूं आगार के मुख्य प्रबंधक गोस्वामी का कहना है कि नई बसों के शामिल होने से ‘सर्विस फ्रीक्वेंसी’ सुधरेगी। हमारा मुख्य फोकस उन मार्गों पर है जहां निजी बसों का दबदबा है। नई बसों के आने से हम न केवल समय पर संचालन सुनिश्चित कर पाएंगे, बल्कि यात्रियों को सुरक्षा और विश्वास का वह माहौल भी देंगे जो केवल राजस्थान रोडवेज दे सकता है। कहां कितनी बसें मिलेगी आगार आवंटित नई बसें झुंझुनूं 20 हनुमानगढ़ 25 बीकानेर/प्रतापगढ़ 20-20 खेतड़ी/विद्याधर नगर 15-15 सीकर/झालावाड़/अजयमेरु 10-10 टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द सड़क पर उतरेंगी बसें रोडवेज मुख्यालय ने अनुबंध के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कुछ महीनों में ये बसें झुंझुनूं डिपो के बेड़े में शामिल होकर सड़कों पर नजर आने लगेंगी। यह न केवल रोडवेज के लिए संजीवनी है, बल्कि झुंझुनूं की जनता के लिए एक बड़ी सौगात है।

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