झुंझुनूं जिले को अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिली है। झुंझुनूं से चिड़ावा-सिंघाना होते हुए हरियाणा बॉर्डर (पचेरी) तक का सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होने जा रहा है। भारत सरकार ने एनएच-11 के इस महत्वपूर्ण खंड के चौड़ीकरण के लिए 2202.67 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है। 78 किमी का सफर इस परियोजना के तहत कुल 78.180 किलोमीटर लंबी सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जाम से मुक्त रखने के लिए 41.660 किमी लंबे नए बाईपास बनाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट में झुंझुनूं शहर से पचेरी तक पूरी परियोजना में 42 छोटे-बड़े पुलों (Bridges) का निर्माण प्रस्तावित है। यहां से निकलेगा बाईपास, चिड़ावा को मिली रिंग रोड़ झुंझुनूं बीड़, बगड़, खुड़ाना, सिंघाना और पचेरी कलां में फोरलेन बाईपास का निर्माण होगा। इस निर्माण में चिड़ावा को ‘रिंग रोड’ की सौगात मिलेगी। चिड़ावा शहर के भीतर यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए पिलानी रोड से लाखू तिराहा और ओजटू तिराहा तक शानदार फोरलेन रिंग रोड बनाई जाएगी। हरियाणा और दिल्ली की कनेक्टिविटी हरियाणा और दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी होगी। दिल्ली पहुंचने समय काफी कम हो जाएगा। किसानों की फसलें और फल-सब्जियां कम समय में दिल्ली-एनसीआर की बड़ी मंडियों तक पहुंच सकेंगी। वर्तमान में लगने वाला समय कम हो जाएगा। झुंझुनूं से हरियाणा सीमा तक भूमि अधिग्रहण जारी झुंझुनूं क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रही बड़ी परियोजनाओं के तहत वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान और हरियाणा के बीच का सफर न केवल छोटा होगा, बल्कि अधिक सुगम भी हो जाएगा झुंझुनूं से फतेहपुर खंड: झुंझुनूं से मंडावा होते हुए फतेहपुर तक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, झुंझुनूं शहर के आसपास का कुछ हिस्सा अभी भी बाकी है, जिसे जल्द पूरा करने की योजना है।
झुंझुनूं से हरियाणा सीमा: झुंझुनूं से बगड़-चिड़ावा होते हुए पचेरी से आगे हरियाणा सीमा तक का कार्य फिलहाल रुका हुआ है। इस हिस्से में भूमि संबंधी प्रक्रियाओं के कारण काम में देरी हो रही है।
हरियाणा खंड: पचेरी से आगे हरियाणा की सीमा में अधिकांश निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। विधायक राजेंद्र भाम्बू ने कहा कि फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 2202.67 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इस बड़ी परियोजना से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और प्रगति को पंख लगेंगे। नई सड़क बनने से जिले के किसानों को सीधा लाभ होगा। वे अब आसानी से अपने कृषि उत्पाद गुरुग्राम और दिल्ली के बाजारों तक ले जा सकेंगे। इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी दिल्ली का सफर बेहद आसान और सुगम हो जाएगा।


