झुंझुनूं में साधु ने लगाई फांसी,मरने से पहले बनाया वीडियो:बोला- गुरु महाराज के वचन झूठे हो गए; सात लोगों पर प्रताड़ना के आरोप

झुंझुनूं में साधु ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले वीडियो बनाया और आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें सात लोगों पर मारपीट और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। घटना खेतड़ी थाना क्षेत्र के पपुरना स्थित आश्रम में सोमवार रात करीब 8 बजे की है। साधु की पहचान फतेहनाथ (30) पुत्र गिरधारी लाल निवासी नागला नाथुसर के रूप में हुई है। वो 2021 से पपुरना की पहाड़ी स्थित आश्रम में रह रहा था। पिता का निधन, बड़ी बुआ के पास गया
वीडियो और सुसाइड नोट में बताया कि उसका बचपन का नाम फतेहचंद था। जब वो छह महीने का था, तभी उसके पिता गिरधारी लाल का निधन हो गया था। इसके बाद उसकी बड़ी बुआ उसे कंचनपुर ले आईं। सुसाइड नोट के अनुसार, इस दौरान उसकी बड़ी बुआ का लड़का लक्ष्मण उसे परेशान करता था और बर्बाद करने की धमकी देता था। उसे पैतृक जमीन और गहनों को लेकर भी प्रताड़ित किया गया। 2013 में भगवा वेष दिया
फतेहनाथ 29 अप्रैल 2012 को बगड़ के चंद्रनाथ के योग आश्रम में आया था और 31 मार्च 2013 को उसे भगवा वेष दिया गया। वहां मौजूद विक्रम नाथ महाराज उसे परेशान करता था। जब उसने गुरु महाराज चंद्रनाथ से इसकी शिकायत की, तो उन्होंने जल्द समझा देने की बात कही। विक्रम नाथ कहता था कि “तुम चढ़ाए हुए नहीं हो इसलिए तुझे चिरा नहीं लगने देंगे।” 2021 में पपुरना में धूणा लगाकर रहने लगा
इस प्रताड़ना से तंग आकर फतेहनाथ आश्रम से बाहर रहने लगा। दो महीने बाद वह गुरु महाराज के कहने पर वापस आश्रम आ गया। हालांकि, दोबारा परेशान किए जाने पर वो 2021 में पपुरना स्थित आश्रम में धूणा लगाकर रहने लगा। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि 2022 में जब वो अपने गुरु से मिलने बगड़ आश्रम गया, तो विक्रमनाथ और अन्य लोगों ने खाना खाते समय उसके साथ मारपीट की थी। सात लोगों पर प्रताड़ना के आरोप
सुसाइड नोट में लिखा- बाबा चंद्रनाथ के वचन झूठे हो गए। उनपर इन लोगों का दबाव था, जिससे उसकी जिंदगी खराब हो गई। उसकी मौत के लिए लक्ष्मण राम कंचनपुर, मीरा देवी चौकड़ी, अमृता देवी गुरारा, सुरेश नांगल नाथुसर, विक्रमनाथ योग आश्रम बगड़, भानीनाथ योग आश्रम बगड़, साध्वी ओमनाथ जिम्मेदार है। बगड़ आश्रम में कई लोगों के साथ अन्याय हुआ है इनके खिलाफ कार्रवाई कर न्याय मिलना चाहिए। फतेहनाथ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार व नाथ संप्रदाय के महंत योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है। उसने अपने हिस्से की जमीन सीताराम गौशाला कुआं रींगस के नाम करने व घर की जमीन में शिवालय बनवाने की मांग करते हुए उससे हिस्से की जमीन अपनी बहन अमृता देवी को नहीं देने की मांग की है। कमरे में लगाया फंदा
सोमवार रात करीब 8 बजे जब ग्रामीण आश्रम के बाहर से निकले तो उन्हें दरवाजा खुला दिखाई दिया, पास जाकर देखा तो कमरे में साधु फतेहनाथ फांसी पर लटके हुए मिले। ग्रामीणों की सूचना पर खेतड़ी थानाधिकारी मोहनलाल मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंचे मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर राजकीय उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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