झुंझुनूं के नवलगढ़ में 12 दिसंबर को हुई गैंगवार के बाद आज सीकर पुलिस और प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। आरोपी हिस्ट्रीशीटर श्रवण भदवासी की भादवासी गांव में स्थित दुकानों को तोड़ दिया। इन दुकानों में शराब की अवैध ब्रांच भी चलती थी। ऐसे में आबकारी विभाग ने यहां पर कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की शराब भी जब्त की है। बता दें कि हिस्ट्रीशीटर श्रवण भदवासी ने ही रविंद्र कटेवा को मारने बदमाश भेजे थे। कटेवा की किस्मत अच्छी थी कि वो बच लेकिन उसके साथी की मौत हो गई। वहीं एक बदमाश भी मारा गया। दुकानों पर हिस्ट्रीशीटर की गैंग करती थी शराब पार्टी
सीकर पुलिस ने आज कार्रवाई करते हुए भादवासी गांव में स्थित आरोपी श्रवण भादवासी की चार दुकानों को तोड़ दिया है। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। आरोपी श्रवण ने दुकानों के ऊपर आलीशान ऑफिस बनाया हुआ था। इस ऑफिस में हर दिन श्रवण की गैंग के लोग शराब पार्टी भी करते थे। ऑफिस में महंगे-महंगे सोफे सहित अन्य सुविधाएं थी। सीकर के एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई। इस दौरान सीकर कोतवाली, सदर सीकर, उद्योग नगर, गोकुलपुरा, दादिया, बलारां पुलिस थाने का जाब्ता भी तैनात रहा। दोनों गैंग के परिवार पर पुलिस की नजर
झुंझुनूं में हुई गैंगवार के बाद 15 दिसंबर को सीकर पुलिस ने रविंद्र कटेवा और श्रवण भादवासी गैंग से जुड़े लोगों के घरों पर दबिश भी दी थी। दोनों गैंग की कई गाड़ियां और डिवाइस भी जब्त किए थे। पुलिस दोनों ही गैंग के परिवारों पर भी पूरी नजर रखे हुए हैं। बता दें कि जमीनी विवाद को लेकर रविंद्र कटेवा और श्रवण के बीच रंजिश थी। रविंद्र को मारने के लिए श्रवण ने पिंटू,कृष्णकांत, राजेंद्र और नंदू फौजी को सुपारी दी थी। इसके बाद 12 दिसंबर को पिस्टल लेकर चारों बदमाश रविंद्र को मारने के लिए उसके घर गए लेकिन वह बच गया और सुनील को गोली लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को बदमाश कृष्णकांत की लाश पड़ी मिली थी।
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