झुंझुनू जिले में कानून को ताक पर रखकर जमीन कब्जाने आए दबंगों को उस वक्त पीछे हटना पड़ा, जब परिवार की महिलाओं ने अपनी जान की बाजी लगा दी। टोडी गांव में रसूखदारों के लाव-लश्कर और चलते ट्रैक्टर के आगे ढाल बनकर खड़ी हुईं सास-बहू के साहस ने भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस मामले में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेटर के पिता और पूर्व पार्षद सहित कई नामजद लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चलते ट्रैक्टर के आगे कूदीं महिलाएं, खदेड़े दबंग घटना उस वक्त की है जब मुन्नी देवी और शाकंभरी देवी अपने परिवार के साथ रास्ते से गुजर रही थीं। उन्होंने देखा कि उनकी विवादित जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आधा दर्जन गाड़ियों के साथ आए दबंग जबरन ट्रैक्टर चला रहे हैं। अपनी संपत्ति को लुटता देख मुन्नी देवी बिना डरे चलते ट्रैक्टर के सामने खड़ी हो गईं। अपनी सास को मौत के मुंह में जाते देख बहू और बेटी ने भी मोर्चा संभाल लिया। रसूखदारों का सिंडिकेट: FIR में बड़े नाम शामिल पीड़ित पक्ष के जगदीश प्रसाद की शिकायत पर गुढ़ागौड़जी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, वे समाज के प्रभावशाली तबके से आते हैं। दिलीप खेदड़: आईपीएल क्रिकेटर मुकुल चौधरी के पिता। सतपाल मावलिया: पूर्व जिला परिषद सदस्य। दीपक व अशोक: जमीन के विक्रेता गोपीचंद के पुत्र। पुलिस ने इन सभी पर मारपीट, अवैध घुसपैठ और जानलेवा हमले के प्रयास जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। 6 साल की कानूनी जंग और 25 साल पुराना विवाद यह पूरा विवाद एक ही जमीन को दो बार बेचे जाने से उपजा है। जगदीश प्रसाद का दावा है कि उन्होंने 25 साल पहले गोपीचंद से यह जमीन खरीदी थी। आरोप है कि विक्रेता ने वही जमीन दोबारा रसूखदारों को बेच दी, जिसका मामला 2019 से न्यायालय में लंबित है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चार महीने पहले भी इन दबंगों ने उनका मकान जेसीबी से ढहा दिया था और बिजली के कनेक्शन काट दिए थे। गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस का कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अपनी स्कॉर्पियो और कैंपर गाड़ियां लेकर फरार हो गए थे। पुलिस अब वायरल फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालक और अन्य अज्ञात हमलावरों की शिनाख्त कर रही है।


