टाइगर आगे-आगे, जिप्सी पीछे-पीछे VIDEO:खेतों में भी जिप्सी दौड़ानी पड़ रही, अभी ट्रैंकुलाइज नहीं हो सका टाइगर

सरिस्का से निकल कर बांदीकुई व अलवर बॉर्डर के गांवों में घूम रहा टाइगर ट्रैंकुलाइज नहीं हो सका। बुधवार को भी टाइगर खेतों से निकल कर भाग तो वनकर्मियों ने केंट्रा कार पीछे खेतों में दौड़ाई। गुरुवार सुबह वापस टाइगर अलवर में रैणी की सीमा के खेतों में आया है। जिसके ड्रोन के फोटो भी सामने आए हैं। अब जयपुर, अलवर की टीमें करणपुरा के गांवों में टाइगर को ढूंढ़कर ट्रैंकुलाइज करने के प्रयास में जुटी है। उसके पहले महूखुर्द गांव में टाइगर को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया। ट्रैंकुलाइज करने के लिए जयपुर व सरिस्का की टीमें हैं। अलवर सरिस्का से डॉ दीनदयाल मीणा सहित पूरी मेडिकल टीम भी साथ है। बाकी ट्रैंकुलाइज करने वाली टीम अलग है। असल में टाइगर 2402 कई महीनों से सरिस्का के बाहर घूम रहा है। अब अचानक व बांदीकुई के गांव में पहुंचने पर बुधवार को पता चला। उसके बाद गांव में दहशत हो गई। लेकिन टाइगर वापस खेतों में चला गया था। टाइगर के पीछे घूम रही वनकर्मियों की टीम पर भी टाइगर ने हमला करने का प्रयास किया। वैसे बुधवार सुबह ही दौसा में तीन जनों पर हमला कर दिया था। बाद में वनकर्मियों की कार पर अटैक किया था। जिससे कार का शीशा टूट गया था। जिससे लग रहा है कि टाइगर आक्रामक हुआ है। इस कारण वनकर्मियों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। ड्रोन से ढूंढ़ रहे टाइगर को टाइगर को सरसों के खेतों में ढूंढ़ने का प्रयास जारी है। ड्रोन से लिए गए फोटो में भी टाइगर ट्रैप हुआ है। गुरुवार सुबह से खेतों में ही टाइगर के पगमार्क मिले हैं। अब वनकर्मियों की टीम वहीं ढूंढ़ने में लगी है। टाइगर को ट्रैंकुलाइज करने के प्रयास हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *