पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघों और इंसानों के बीच टकराव बढ़ रहा है। 9 दिसंबर को हिनौता रेंज में तीन बाघों ने एक महिला का शिकार कर लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां बाघों के लिए पर्याप्त शिकार नहीं है। यहां अभी 80 बाघ हैं। इनके लिए 40,000 शाकाहारी वन्यजीव चाहिए, जबकि रिजर्व में उनकी संख्या घटकर केवल 26,000 रह गई है। खुद पीटीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 3 साल में यहां शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। इससे बाघ इंसानों पर हमला कर रहे हैं। यहां 50 बाघों की ही जगह
पीटीआर की 2021 और 2022 की रिपोर्टों के अनुसार, टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1645.08 वर्ग किमी है, पर बाघों के रहने लायक जंगल 800 वर्ग किमी तक सीमित है। इससे बाघों की घनत्व दर प्रति 100 वर्ग किमी में 10 हो गई है, जो कान्हा (6.08) और रणथंभौर (7.22) से कहीं अधिक है। यहां अधिकतम 50 बाघ रह सकते हैं। फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की बोलीं- शाकाहारी वन्यजीवों की कमी है। एक प्लान बनाया गया था, पर अमल नहीं हो सका। दूसरे पर काम शुरू किया है।


