आरआर कैट में शुक्रवार को टंगस्टन इनर्ट गैस वेल्डिंग अर्थात टिग वेल्डिंग को लेकर एक थीम बैठक का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के उद्योगों, राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं और शिक्षा जगत के 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। उद्घाटन करते हुए आरआर कैट के निदेशक ने कहा कि टिग वेल्डिंग प्रेशर वेसल, वेक्यूम चैंबर, स्टोरेज टैंक और प्रोसेस पाइपिंग के जैसे कई प्रकार के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण हो चुकी है। इसकी प्रक्रिया को आसानी से आवश्यकता के अनुरूप बदल जा सकता है जो इसकी लोकप्रियता की वजह है। अब यह प्रक्रिया स्टेनलेस स्टील, अल्युमिनियम एलाय, और टाइटेनियम एलाय को जोड़ने के लिए भी पहली पसंद बन चुकी है। थीम बैठक में इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च के डॉ. एम वासुदेवन ने टिग वेल्डिंग में मशीन विज़न आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर बात की। उन्होंने कहा कि टिग वेल्डिंग में एआई और एमएल का उपयोग एक गेम चेंजर हो सकता है, जिससे कम ऊर्जा लगेगी और इस प्रक्रिया के माध्यम से बने हुए उत्पाद लंबे समय तक चल सकेंगे। गोदरेज एंड बॉयज मुंबई के जिम दत्त ने टाइटेनियम की टिग बिल्डिंग के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के रास्ते खुलने के चलते अब इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुप्रियो गांगुली और गोदरेज एंड बॉयस के वासुकी हरनाहल्ली ने टिग वेल्डिंग के दौरान डिफॉर्मेशन मैनेजमेंट के सिद्धांत तक और व्यावहारिक पहलुओं पर बात की।


