ललितपुर-खजुराहो-महोबा वाया टीकमगढ़ रेल लाइन पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो गया है। मंगलवार को खजुराहो कॉर्ड लाइन पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया, जिससे इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर इंजन और ब्रेकवान रिवर्सल की जरूरत खत्म हो गई है। 1768 मीटर लंबी है है कार्ड लाइन उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि 1768 मीटर लंबी खजुराहो कॉर्ड लाइन का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। झांसी मंडल द्वारा निर्मित इस कॉर्ड लाइन की लागत 33.40 करोड़ रुपए है और यह लगभग 2 किलोमीटर लंबी है। इस कॉर्ड लाइन के माध्यम से अब खजुराहो स्टेशन पर महोबा से ललितपुर और ललितपुर से महोबा आने-जाने वाली माल गाड़ियों को रैक/इंजन और ब्रेकवान रिवर्सल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय, संसाधनों और मैनपावर की बचत होगी, जिससे परिचालन सुगम और तेज हो जाएगा। कोयला रेकों के तेज और निर्बाध आवागमन को मिलेगी गति यह महोबा-खजुराहो-ललितपुर खंड बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (LPGCL) के दो संयंत्रों और एनटीपीसी के प्रस्तावित बसारी संयंत्र (जिला छतरपुर) को कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक होगा। पहले खजुराहो स्टेशन पर मालगाड़ियों को दिशा बदलने के लिए इंजन शंटिंग करनी पड़ती थी। इससे परिचालन में देरी, लाइन क्षमता में बाधा, सेक्शन में भीड़ और इंजन के निष्क्रिय समय जैसी समस्याएं आती थीं। नई कॉर्ड लाइन कोयला रेकों के निर्बाध आवागमन में तेजी लाएगी और समय पर कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। यह मार्ग भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है और प्रतिदिन 27 रेक तक के सुगम आवागमन की क्षमता रखता है।


