टीकमगढ़ के अस्पताल चौराहे पर शनिवार को ग्रामीणों ने गोचर और वन भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्राम पंचायत जसवंत नगर की महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल ओबीसी महासभा के जिला प्रभारी रविन्द्र सिंह लोधी ने बताया कि ग्राम जसवंत नगर की गौचर भूमि, शमशान भूमि और वन भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। यह अतिक्रमण लगभग 100 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फैला हुआ है। लोधी ने आरोप लगाया कि गांव के दबंग, राजनैतिक और प्रभावशाली लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर अवैध रूप से कब्जा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि वन भूमि में खड़े हजारों सागौन, सेजा, महुआ और छेवले के हरे-भरे पेड़ों को काटकर भूमि पर फसल बोकर कृषि कार्य किया जा रहा है। इस अवैध कब्जे के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गायों के लिए गोचर भूमि नहीं बची है, जिससे मवेशियों को चरने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इसके अतिरिक्त, अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम भी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वे कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके अलावा, सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन इसके बावजूद गोचर भूमि और वन भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण अस्पताल चौराहे पर धरने पर बैठे हैं।


