टीकमगढ़ में एक बंद ढाबे से 50 पेटी देसी शराब जब्त होने का मामला संदिग्ध हो गया है। आबकारी इंस्पेक्टर विजय सिंह चंदेल ने स्वीकार किया है कि ढाबा कई महीनों से बंद है और उसके गेट पर ताला नहीं लगा था। इस स्थिति में विभाग यह पता लगा रहा है कि ढाबे के अंदर शराब किसने रखी। फिलहाल, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर शराब रखने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। आबकारी टीम ने शुक्रवार को पुरानी टिहरी रोड स्थित एक बंद ढाबे से लगभग 50 पेटी देसी शराब जब्त की थी। इस कार्रवाई के बाद ढाबे के मालिक रुद्र तोमर ने एक वीडियो जारी कर आबकारी टीम पर पुलिस के साथ मिलकर ‘फर्जी कार्रवाई’ करने का आरोप लगाया। झूठे प्रकरण में फंसाने की साजिश रुद्र तोमर ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई गई एक शिकायत वापस लेने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और झूठे आपराधिक प्रकरणों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। तोमर ने 5 जून 2025 को कोतवाली टीकमगढ़ के तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में शर्मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, रंगदारी, अनुचित आर्थिक लेन-देन और अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे, जिसके प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए थे। लोकायुक्त पुलिस सागर ने पंकज शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने पंकज शर्मा को कोतवाली थाना प्रभारी पद से हटाकर भोपाल अटैच कर दिया था। रुद्र तोमर ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक भोपाल, आईजी, डीआईजी और एसपी टीकमगढ़ से शिकायत की है। कोई भी अंदर जा सकता है आबकारी इंस्पेक्टर विजय सिंह चंदेल ने भी दोहराया है कि ढाबे के मुख्य गेट पर ताला नहीं लगा था, जिससे कोई भी अंदर जा सकता है। आबकारी विभाग के अधिकारी अब पूरे मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।


