टीकमगढ़ की नजाई बाजार सब्जी मंडी में शनिवार को दो आवारा बैलों की लड़ाई से अफरा-तफरी मच गई। बैलों ने मंडी परिसर में खड़े फल और सब्जी के ठेलों को पलट दिया, जिससे दुकानदारों को नुकसान हुआ। इस घटना के दौरान दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें छोड़कर भागने लगे। कई लोगों ने बैलों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक दोनों बैलों के बीच लड़ाई जारी रही, जिससे मंडी में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि टीकमगढ़ में आवारा बैलों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। रिटायर्ड बैंक कर्मी रवि खरे ने बताया कि कुछ दिन पहले सब्जी लेते समय एक बैल ने उन्हें मार दिया था। मंडी के पास रहने वाले गोविंद बिहारी अग्रवाल ने जानकारी दी कि दो साल पहले एक बैल की टक्कर से उनके पिता की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई थी। आवारा मवेशियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है और अब तक 300 से अधिक गाय-बैलों को पकड़कर गौशालाओं में भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि नजाई मंडी में भी विशेष अभियान चलाकर आवारा बैलों को पकड़ा जाएगा।


