लांजी में जवाहर नवोदय स्कूल इंट्रेंस परीक्षा में एक छात्रा शिक्षक की लापरवाही के कारण परीक्षा देने से वंचित हो गई। छात्रा जब अपने निर्धारित सेंटर पर पहुंची, तो उसे पता चला कि उसका वास्तविक सेंटर बालाघाट में है, जो 65 किलोमीटर दूर था। परीक्षा के समय पर इतनी दूरी तय कर पहुंचना संभव नहीं था। यह घटना शनिवार को हुई, जब जिले के सभी 10 विकासखंडों में कक्षा छठी के लिए जवाहर नवोदय स्कूल प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। बाघाटोला के शासकीय प्राथमिक शाला में पांचवीं कक्षा की छात्रा रागिनी, पिता सवलराम फुलबांधे, भी परीक्षा देने पहुंची थी। गलत परीक्षा सेंटर की जानकारी से 65 किमी दूर छूटी परीक्षा छात्रा के पिता ने बताया कि वे पढ़े लिखे नहीं हैं और स्कूल के शिक्षक धरमदास कुतरिया ने उन्हें परीक्षा केंद्र की सही जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि बाघाटोला के अन्य बच्चों का परीक्षा केंद्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल लांजी था, इसलिए छात्रा को भी वहीं ले गए थे। लांजी पहुंचने पर उन्हें केंद्र प्रभारी से पता चला कि छात्रा का वास्तविक परीक्षा सेंटर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल बुढ़ी, बालाघाट था। जानकारी के अभाव में छात्रा तय समय पर अपने ,सेंटर नहीं पहुंच सकी और परीक्षा से वंचित हो गई। पिता ने यह भी बताया कि उन्हें एडमिट कार्ड एक दिन पहले ही दिया गया था, लेकिन केंद्र की जानकारी नहीं दी गई थी। दूसरी ओर, शिक्षक धरमदास कुतरिया ने अपनी सफाई में कहा कि कार्य की व्यस्तता के कारण वे छात्रा का एडमिट कार्ड नहीं देख पाए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि जानकारी के अभाव में यह स्थिति उत्पन्न हुई।


