भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल सह प्रमंडलीय सदर अस्पताल के लैब में पिछले एक माह से केमिकल के अभाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। टुकड़ों में खरीदारी कर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जबकि 22 जनवरी को ज्वाइंट सेक्रेट्री हेल्थ ललित मोहन शुक्ला ने औचक निरीक्षण के दौरान केमिकल के अभाव की शिकायत पर तत्काल टेंडर करने का निर्देश दिया था। आज 15 दिन हो गए लेकिन अब तक टेंडर पर कोई विचार नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात है कि ज्वाइंट सेक्रेटरी के निर्देशों को भी दरकिनार किया जा रहा है। और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि लैब से 64 तरह के केमिकल की सूची स्टोर इंचार्ज को उपलब्ध करा दिया गया है। अगर इन केमिकल की खरीदारी का स्टॉक दो-दो महीने का भी हो तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होगी। लैब की स्थिति यह है कि एक फ्रीजर में आंशिक केमिकल रखे हुए हैं जिससे काम चलाया जा रहा है। महीने में 55000 से अधिक जांच का रिकॉर्ड है हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का लैब प्रमंडल के चतरा कोडरमा रामगढ़ और हजारीबाग जिले के लोगों की जरूरत है। जहां सुदूरवर्ती क्षेत्र के लोग निशुल्क जांच का लाभ उठाते हैं। जो जांच 6 से ₹7000 में बाहर में होता है वह जांच अधिकतम यहां ₹90 में और न्यूनतम ₹20 में हो जाता है। लैब के रिकॉर्ड के मुताबिक हर रोज यहां ढाई से 300 लोग जांच के लिए पर्ची जमा करते हैं। बरसात व संक्रमण के सीजन में इसका आंकड़ा पांच सौ तक पहुंच जाता है। प्रति माह का एवरेज 12 से 15 000 मरीज के पर्ची के आधार पर जांच का रिकॉर्ड है। हर मरीज के प्रिस्क्रिप्शन में न्यूनतम तीन से चार तरह के जांच होते हैं। इस प्रकार महीने में 55000 से अधिक जांच का रिकॉर्ड है। जिसके लिए प्रयुक्त केमिकल में सालाना डेढ़ करोड़ से अधिक का खर्च है। ^साल में लैब के लिए केमिकल में खर्च लाखों में नहीं करोड़ों में है। पूरे 1 साल का केमिकल बल्क में नहीं खरीदा जा सकता है, लेकिन बहुत जल्द टेंडर होगा ।तत्काल थोड़ा-थोड़ा खरीद कर काम चलाया जा रहा है। क्योंकि लैब को पूरी तरह से कंप्यूटराइज किया जा रहा है नए उपकरण बहुत ही हाई क्वालिटी के हैं इसके लिए केमिकल का कॉस्ट भी बढ़ेगा इसलिए डिजिटलाइजेशन के बाद खरीदारी होगी और केमिकल का अभाव लैब को नहीं झेलना पड़ेगा।^ डॉ. अनुकरण पूर्ति-सुपरिटेंडेंट


