आखिर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में 1900 सर्जिकल व मेडिकल आइटमों की खरीद का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। भास्कर ने इस टेंडर में गड़बड़ी पर सवाल उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी। करीब 4 माह की जांच के बाद निदेशालय ने अपनी जांच रिपोर्ट में उन्हीं तथ्यों का हवाला दिया है, जिन पर भास्कर ने आपत्ति जताई थी। टेंडर में सालाना टर्नओवर राशि, अंतिम तारीख से पहले अनुभव की शर्तों में बदलाव और जिन सामान की अस्पताल में जरूरत नहीं है, उनके लिए भी टेंडर करने जैसे गड़बड़ी की गई थी। अब पारदर्शिता व नियम-शर्तों के तहत दोबारा से टेंडर किए जाएंगे। भास्कर इम्पैक्ट…निदेशालय ने रोकी थी टेंडर प्रक्रिया चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के आयुक्त इकबाल खान की ओर से दस जनवरी को जारी आदेशों में कहा गया है कि एसएसएच की ओर से निकाले गए टेंडर में आरटीपीपी एक्ट 2012 व नियम 2013 का पालन नहीं हुआ। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिया गया जवाब भी संतोषजनक नहीं था। बता दें कि भास्कर ने 10 सितंबर 2024 के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसी दिन निदेशालय ने जांच होने तक टेंडर प्रकिया रोक दी थी। फर्म को 2 साल के लिए दिया जाना था ठेका
15 करोड़ की लागत वाला यह टेंडर 3 अगस्त 2024 को आमंत्रित किया गया था। इसे दो साल के लिए एसएसएच के अधीक्षक व आरएनटी के प्रिसिंपल, कंट्रोलर विपिन माथुर ने जारी किया था। ये गड़बड़ियां…टर्नओवर बढ़ाया, अनुभव भी बदला


