शासकीय जीवाजी वेधशाला में 8 इंच व्यास के टेलिस्कोप से चंद्रमा की सतह के गड्ढे, पहाड़ आदि सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की सतह की पट्टियां और उसके उपग्रहों, सौर मंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि को उसकी वलय के साथ और पृथ्वी के नजदीक ग्रह शुक्र को उसकी चंद्रमा की कलाओं के साथ अवलोकन करवाया जाएगा। आकाशीय अवलोकन के लिए आकाश का खुला होना जरूरी है।
वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्रप्रकाश गुप्त ने बताया कि वर्तमान में आकाश में सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में लट्टू की तरह चमकदार शुक्र ग्रह को देख सकते हैं। शुक्र ग्रह से थोड़ा सा ऊपर शनि ग्रह दिखाई दे रहा है। पूर्व दिशा में क्षितिज से लगभग 60 अंश ऊपर चमकदार बृहस्पति ग्रह दिखाई दे रहा है। साथ ही शुक्ल पक्ष का प्रतिदिन बढ़ता हुआ चंद्रमा तो आकाश में दिखाई दे रहा है। इस प्रकार चार खगोलीय पिंडों के अवलोकन के लिए एवं अपनी जिज्ञासा के समाधान का यह सबसे उपयुक्त अवसर है। इन स्थितियों को देखते हुए शासकीय जीवाजी वेधशाला में 6 से 12 जनवरी तक आकाशीय अवलोकन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का समय शाम 6 से रात 8 बजे तक रहेगा। शिविर में 10 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी सहभागिता कर सकते हैं। शिविर के अंतर्गत प्रतिभागियों को आकाशीय जानकारी प्रदान की जाएगी। बादलों ने बढ़ाई तपन, दिन का तापमान 28.5 डिग्री पर पहुंचा मावठे के बाद सर्दी बढ़ने की जगह तपन में बढ़ोतरी हो रही है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 28.5 और न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता सुबह 84 और शाम को 42 फीसदी रही। हवा की रफ्तार सुबह शून्य और शाम को चार किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान विभाग भोपाल के अनुसार उज्जैन में सामान्य से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह भी सामान्य से ज्यादा रहा। उज्जैन उन पांच शहरों में शामिल रहा, जहां सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान रहा। वे शहर हैं इंदौर, रतलाम, गुना और धार।


