वन विभाग ने रविवार रात मोर का शिकार करने से पहले ही दो लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पहला आरोपी- गुफरान अहमद, भोपाल की हुजूर तहसील का पटवारी है। दूसरा आरोपी- मोहम्मद आमिर श्यामला हिल्स में रहता है। वह सिविल इंजीनियर है। दोनों लटेरी के जंगलों में शिकार करने पहुंचे थे। दरअसल, वनकर्मियों की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लोग जंगल में मोर शिकार करने पहुंचे हैं। रेंजर विवेक चौधरी ने तुरंत तीन टीमें बनाईं। जैसे ही टीम जंगल में पहुंची तो उन्हें फायर की आवाज सुनाई दी। वनकर्मी सतर्क हो गए और घेराबंदी कर ली। इस दौरान आरोपियों ने बाइक से भागने की कोशिश भी की, लेकिन वनकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों के पास से टेलीस्कोप लगी एयरगन और 14 सेंटीमीटर लंबा चाकू जब्त किया गया। आरोपी गुफरान और आमिर को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें लटेरी जेल भेज दिया गया है। मोर के शिकार पर 7 साल तक की जेल-जुर्माना मोर राष्ट्रीय पक्षी है। इसका शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध है। दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल और 10 हजार से 25 हजार रुपए तक जुर्माना हो सकता है। पहले से सक्रिय हैं आरोपी… अब कॉल डिटेल खंगालकर अन्य शिकारियों की होगी तलाश रेंजर विवेक चौधरी ने बताया कि आरोपी पहले भी लटेरी के जंगलों में शिकार करने आते थे। वन विभाग की टीम उन पर नजर रखे हुए थी। रविवार को उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया। डीएफओ हेमंत यादव ने बताया कि मामले की जांच एसटीएफ से कराई जाएगी। आरोपियों की कॉल डिटेल्स निकाली जा रही हैं। इससे अन्य शिकारियों की जानकारी मिल सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों अब तक कितने वन्यजीवों का शिकार कर चुके हैं।


