टैक्स चोरी करने वाले बिल्डर्स, ज्वेलरी व हार्डवेयर दुकानदारों पर सरकार कसेगी शिकंजा

टैक्स चोरी करनेवाले बिल्डर्स के साथ-साथ ज्वेलरी, मिठाई व हार्डवेयर दुकानदारों पर सरकार शिकंजा कसेगी। झारखंड में दो लाख से ऊपर के सामान की खरीदारी पर टैक्स चोरी करनेवालों पर कार्रवाई की तैयारी है। राजस्व संग्रहण पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें टैक्स चोरी करनेवालों पर कार्रवाई करने की रणनीति बनी। ‘संभावनाओं की तलाश राजस्व वृद्धि-चुनौती और समाधान’ विषय पर प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में बैठक हुई। इसमें वित्त मंत्री ने राजस्व संग्रहण में तेजी लाने और राजस्व चोरी रोकने के लिए अधिकारियों को मुस्तैदी से आगे आने का निर्देश दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि माइंस ट्रांसपोर्ट व अन्य संसाधनों से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्ति पर ध्यान दें। वाणिज्य कर के 26 हजार करोड़ के लक्ष्य से 2000 करोड़ अधिक राजस्व जुटाने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के लिए निर्धारित राशि की व्यवस्था करना चुनौती से भरा है। यदि राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं होता है तो सरकार को आनेवाले समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि जीएसटी आने के बाद काफी परिवर्तन आया है, लेकिन पदाधिकारियों को रेगुलेटरी पर प्रॉपर मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है। बैठक में वाणिज्य कर सचिव अमिताभ कौशल, वाणिज्य कर आयुक्त अमित कुमार व अन्य थे। एक चालान में 4 बार हो रही बालू व स्टोन चिप्स की ढुलाई मंत्री ने कहा कि झारखंड में बालू और स्टोन चिप्स में जितना काम झारखंड में हो रहा है, उतना बिहार में नहीं हो रहा। एक चालान में चार बार फेरा लगाया जा रहा है। पलामू, देवघर, कोडरमा, पश्चिम बंगाल सीमा पर भी जांच नहीं होती। वित्त मंत्री ने कहा कि एक एप तैयार कर एक-दूसरे विभाग से को-ऑर्डिनेशन बनाकर काम करें। 443 में से 209 पद हैं खाली, जल्द भरें मंत्री ने कहा कि विभाग में मानव संसाधनों का अभाव है। ऐसे में सबसे बड़ा चैलेंज है कि टारगेट कैसे पूरा हो। विभाग में सभी 443 पदों में 209 पद अब भी रिक्त पड़े हैं। प्रक्रियात्मक जटिलताएं हैं। उसे दूर करते हुए पद भरें। राजस्व में वृद्धि कैसे हो, इसके लिए नए संभावनाओं की तलाश करें। मिठाई दुकान व हार्डवेयर दुकानदार नहीं देते बिल मंत्री ने कहा कि हार्डवेयर दुकान से सामान खरीदने पर कभी पक्का बिल नहीं मिलता। बिल्डिंग-मकानें बन रही हैं। सिर्फ रांची से 4 से 5 हजार करोड़ राजस्व वसूली हो सकती है। बड़ी-बड़ी मिठाई की दुकानें हैं, जहां आपको बिल नहीं मिलेगा। अपर बाजार में कई कपड़े की व्यापारी भी बिल नहीं देते। यदि इन अब चीजें को टारगेट कर काम करेंगे तो रेवेन्यू बढ़ेगा। कई सेक्टर हैं, जहां से बढ़ सकता है राजस्व : मंत्री ने कहा कि राज्य में कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां से राजस्व में बढ़ोतरी हो सकती है। 2 लाख से अधिक की खरीदारी होने पर भी कई ऐसे दुकानदार हैं, जो बिल नहीं देते और न ही आमजन बिल लेना चाहते हैं। ऐसे में टैक्स चोरी होना स्वाभाविक है। मंत्री ने अवैध बालू उठाव और माइनिंग पर होनेवाले टैक्स चोरी को लेकर खास रणनीति के तहत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वाणिज्य कर के 26 हजार करोड़ के लक्ष्य से 2000 करोड़ अधिक जुटाएं राजस्व

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