टॉप-10 कंपनियों में 8 की वैल्यू ₹1.69 लाख करोड़ बढ़ी:बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप हफ्तेभर में ₹40,788 करोड़ बढ़ा, इंफोसिस की वैल्यू ₹33,736 करोड़ बढ़ी

मार्केट वैल्यूएशन के लिहाज से देश की टॉप-10 कंपनियों में से 8 की मार्केट वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.69 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है। वहीं 2 की वैल्यू 13,883 करोड़ रुपए कम हुई है। इस दौरान बजाज फाइनेंस की वैल्यू सबसे ज्यादा 40,788.38 करोड़ रुपए बढ़कर 6.24 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। इंफोसिस की वैल्यू ₹33,736.83 करोड़ बढ़कर 6.33 लाख करोड़ रुपए हो गई है। TCS की वैल्यू ₹30,970 करोड़ बढ़ी TCS की वैल्यू ₹30,970.83 करोड़ बढ़कर 11.33 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। वहीं मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू 27,741.57 करोड़ रुपए बढ़कर 18.87 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। HUL और LIC की मार्केट वैल्यू घटी इधर, HUL के शेयरों में बीते हफ्ते बिकवाली रही और इसकी वैल्यू ₹12,429.34 करोड़ कम होकर ₹6.06 लाख करोड़ पर आ गई है। इस दौरान LIC की वैल्यू ₹1,454.75 करोड़ घटकर ₹5.53 लाख करोड़ पर आ गई है। इन कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा सोर्स: BSE (12 सितंबर, 2025) इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू कम हुई सोर्स: BSE (12 सितंबर, 2025) मार्केट कैप के लिहाज से देश की टॉप-10 कंपनियां सोर्स: BSE (12 सितंबर, 2025) शुक्रवार को सेंसेक्स 355 अंक चढ़ा था शेयर बाजार में शुक्रवार यानी 12 सितंबर को तेजी रही थी। सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर 81,904 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी करीब 108 अंक की तेजी रही। ये 25,114 के स्तर पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 19 में तेजी और 11 में गिरावट रही। फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, फार्मा, ऑटो और IT शेयर में ज्यादा तेजी देखने को मिली थी। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… 1. मार्केट कैप के बढ़ने का क्या मतलब है? 2. मार्केट कैप के घटने का क्या मतलब है? 3. मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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