नगर परिषद टोंक के आयुक्त ममता नागर को रविवार देर शाम को सरकार ने एपीओ कर दिया है। इसके आदेश स्वायत्त शासन निदेशालय जयपुर ने जारी किए हैं। उनका मुख्यालय उपस्थिति स्वायत शासन निदेशालय जयपुर किया है। ज्ञात रहे कि इससे पहले भी टोंक में कई आयुक्त एपीओ हो चुके हैं। हालांकि ममता नागर के एपीओ होने का कोई प्रशासनिक कारण अधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों से सामने आया है कि टोंक में बिना परमिशन बसाई जा रही कॉलोनियों पर कोई कार्रवाई नहीं करने को लेकर सरकार के पास आयुक्त की कई शिकायतें गई थीं। इसे सरकार ने गंभीर माना और आज देर शाम को आई ट्रांसफर लिस्ट में इनका ट्रांसफर नहीं किया गया। बल्कि निदेशालय में उपस्थिति देने में आदेश जारी किए हैं। टोंक में भी अभी आयुक्त पद पर किसी को नहीं लगाया है। इस पद को खाली रखा गया है। एक साल भी पूरा नहीं कर पाई
APO की गई ममता नागर करीब 11 माह पहले टोंक नगर परिषद आयुक्त पद पर लगाई गई थीं। इससे पहले वह नगर निगम जयपुर ग्रेटर उपायुक्त पद पर थी। फरवरी 2024 से पहले नगर परिषद टोंक में फुलफ्लेश आयुक्त नहीं था। करीब 11 माह के कार्यकाल के बाद रविवार को स्वायत शासन विभाग के आयुक्त व शासन सचिव कुमार पाल गौत्तम की ओर से जारी प्रदेश के नगर पालिका (प्रशासनिक व तकनीकी) सेवा के अधिकारियों के तबादले की लिस्ट में ममता नागर उन 9 अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें निदेशालय में उपस्थिती देने के आदेश जारी किए हैं। छह साल में 14 आयुक्त बदले 2018 से अब तक 14 आयुक्त बदले जा चुके हैं। इनमें ममता नागर ही 11 माह लंबा कार्यकाल पूरा कर पाई है। इनसे पहले 17 फरवरी 2023 को जयपुर एसीबी की टीम की ओर से तत्कालीन आयुक्त अनिता खींचड़ सहित दो कर्मचारियों को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।


