जिला मुख्यालय समेत जिले भर में बुधवार को भी लगातार पांचवें दिन सुबह से ही घना कोहरा और हल्के बादल छाए रहे। सुबह सूर्योदय के समय कोहरा इतना घना है कि करीब 40 मीटर के वाहन आदि भी साफ दिखाई नहीं दिए। गलन बढ़ने और हल्की हवा चलने से सर्दी का असर बढ़ गया है। इसके चलते लोगों को कड़ाके को सर्दी का अहसास हो रहा। ऐसे में अधिकांश लोग घरों में रहे। जरूरी काम से ही लोग घरों से निकले। इस ठंडे मौसम के चलते सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालकों और रोजाना अन्य जगह काम करने के लिए जाने वाले लोगों को हुई। इन्हें पहले के मुकाबले ऊनी कपड़े ज्यादा पहनकर बाहर निकलना पड़ा। वाहनों को भी गंतव्य स्थान पर पहुंचे पर देरी हुई। एक घंटे का सफर डेढ़ घंटे में तय हुआ। इधर, गलन बढ़ने से तापमान बुधवार को भी अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार बने हुए है। जबकि न्यूनतम तापमान 24 घंटे पहले की तरह 7 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले में बढ़ता जा रहा है सर्दी का असर दरअसल,इस साल पहली बार सर्दी का चक्र गड़बड़ाया है।सर्दी के दिनों में नवंबर माह में ही ठिठुराने वाली सर्दी पड़ती थी और घना कोहरा छाया रहता था, लेकिन इस बार मौसम ऐसा बना कि दिसंबर माह 2025 में भी ना तो कड़ाके की सर्दी पड़ी और ना ही घना कोहरा लगातार छाया था। नए साल में घने कोहरे और सर्दी का असर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इसमें पांच दिन से तो सर्दी, गलन और कोहरे का असर ज्यादा ही महसूस हो रहा है। ओस गिरने से फसलों लिए होगा फायदेमंद पांच दिन से लगातार घना कोहरा छा रहा है। इससे रात के समय ओस भी पड़ रही है। यह फसलों के लिए अमृत का काम करेगी। क्योंकि ओस और मावठ से प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिलती हैं । इससे फसलों को यूरिया खाद की पूर्ति होगी। इससे किसानों की पैदावार बढ़ेगी।


