टोंक जिले के अधिकांश हिस्सों में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और बादलों के चलते सूर्य सुबह 11 बजे तक नजर नहीं आया, जिससे ठंड का असर बना रहा और आमजन की दिनचर्या प्रभावित हुई। कोहरे से जनजीवन प्रभावित
घने कोहरे के कारण वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्दी से बचाव के लिए लोगों को अतिरिक्त ऊनी कपड़े पहनने पड़े। कई जगह गलन के कारण अलाव जलाते हुए लोग नजर आए। तापमान में हलचल, ठंड बनी हुई
मौसम के चलते अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। इससे पहले न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक गिर गया था, जबकि अधिकतम 19 डिग्री तक पहुंचा था।
इस साल मौसम रहा असामान्य इस साल कड़ाके की सर्दी का असर भी काफी कम दिनों तक रहा है। नए साल की शुरुआत के दस दिन ही कड़ाके की सर्दी पड़ी है। जबकि अन्य सालों दिसंबर से लेकर जनवरी तक घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी का अधिकांशत असर रहता था। बीच में तीन चार बार मावठ भी जाती थी। लेकिन इस बार ना तो ज्याद दिनों तक से सर्दी पड़ी और ना ही घना कोहरा ज्यादा दिन तक छाया, लेकिन शुक्रवार को बदले मौसम के चलते मावठ हुई। उसके बाद से वापस सर्दी का असर बढ़ गया था, सोमवार तक सर्दी का काफी असर बना रहा है, न्यूनतम तापमान भी पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन सोमवार को फिर मौसम बदल गया। सुबह से बादल छाए दिखाई दिए। मंगलवार को भी सुबह से कई हल्के तो कई घने बादल छाए हुए है। इसके चलते मंगलवार अल सुबह करीब 4 बजे और सवा दस बजे कई जगह बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश हुई। फिर देर शाम को तेज बारिश के साथ भारी उनियारा क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इस बदले मौसम के चलते बुधवार सुबह से जिला मुख्यालय समेत जिले के अधिकांश हिस्सों में।कोहरा छाया रहा। हल्के बादल भी छाएं। कोहरे से लोगों की दिनचर्या काफी प्रभावित हुई। फिर गुरुवार और शुक्रवार को भी कोहरा छाया। आज तो सुबह 11 बजे तक भी सूर्य नजर नहीं आया। ज्यादातर लोग जरूरी काम को छोड़कर बाहर नहीं निकले। वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।


