टोंक जिले के मेहंदवास थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हमीरपुर में रविवार को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हादसे में भारी नुकसान झेलने वाले पीड़ित को अब तक कोई सहायता नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने गांव से गुजर रहे स्टेट हाईवे-117 (टोडारायसिंह–झिराना मार्ग) पर करीब आधे घंटे तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और प्रशासन से तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर आवागमन भी प्रभावित रहा। पहली मंजिल पर रखा सिलेंडर अचानक फटा पीड़ित शंकर लाल बैरवा ने बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे उनके मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में रखा गैस सिलेंडर अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि कमरे में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। शंकर लाल के अनुसार हादसे में बिस्तर, खाने-पीने का सामान, मोबाइल फोन, टीवी, पंखा समेत करीब 62 हजार रुपए नकद जल गए। इस हादसे से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशासन की अनदेखी से बढ़ी नाराजगी पीड़ित और ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद से अब तक कोई भी सरकारी अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है। न तो किसी प्रकार की मदद दी गई और न ही किसी ने आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा और पीड़ित को सहायता राशि नहीं दी गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। साथ ही कलेक्टर और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदर्शन में ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान सरपंच गीता देवी जाट, जनप्रतिनिधि गोवर्धन लाल जाट, जितेंद्र सिंह, गणेश बैरवा, हेमराज चौपड़ा, सत्यनारायण खारोल, ओम प्रकाश, गोवर्धन, शंकर बैरवा, लादू महाराज, दामोदर स्वामी, बद्री भांड सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। इनपुट: अरबाज खान, हमीरपुर


