छतरपुर के सटई रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में 3 दिसंबर की सुबह खाद वितरण केंद्र पर हंगामा हुआ। टोकन वितरण के दौरान सौरा मंडल की नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई ने परा गांव की रहने वाली कॉलेज छात्रा गुड़िया पटेल को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के बाद केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य महिलाएं भी भड़क गईं। विवाद बढ़ने पर कर्मचारियों और किसानों ने स्थिति संभाली। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। दैनिक भास्कर ने इसे पूरे मामले में गुड़िया से बात की, जाना की आखिर उसे खाद के बदले उसे चांटा क्यों मारा गया, पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जान लीजिए पूरा घटनाक्रम
घटना वाले दिन सुबह खाद वितरण शुरू होने से पहले ही केंद्र पर 1500 से ज्यादा किसान टोकन लेने के लिए लाइन में लग गए थे। देखते ही देखते यह संख्या 3000 हजार तक पहुंच गई। अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने टोकन देने से इनकार कर दिया। कहा, बुधवार को केवल मंगलवार को दिए गए टोकन पर ही खाद मिलेगा। इस पर किसान नाराज हो गए। उन्होंने मंडी के बाहर सटई रोड पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलते ही छतरपुर एसडीएम अखिल राठौर और नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाकर मंडी के अंदर ले गए। करीब 25 मिनट बाद टोकन का वितरण शुरू हुआ। नायब तहसीलदार पुरुष किसानों को टोकन दे रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान कुछ महिलाएं पुरुषों की लाइन में लग गईं। तहसीलदार ने उन्हें महिलाओं की लाइन में लगने को कहा। महिलाएं नहीं मानीं। इसी बीच गुड़िया पटेल ने टोकन मांगा तो तहसीलदार नाराज हो गईं और थप्पड़ मार दिया। पीड़ित का दावा- टोकन मांगा ताे थप्पड़ मारा, जेल भेजने की धमकी दी
दैनिक भास्कर को छात्रा गुड़िया पटेल ने बताया कि हम दो बहन और एक भाई हैं। तीनों छतरपुर में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। हमारा परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर है। माता-पिता खेती कर हमारी परवरिश कर रहे हैं। मैं एमए की छात्रा हूं। 5 दिसंबर से मेरे सेमेस्टर के पेपर शुरू हुए हैं। इस समय खेती को खाद की बहुत जरूरत है। पिता काफी समय से खाद के लिए परेशान हो रहे थे। फसल को खाद नहीं मिली तो वह खराब हो जाएगी। फसल बेकार हुई तो हमारी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। यही बस सोचकर पेपर होने के बाद भी पिछले तीन हफ्तों से खाद लेने के लिए लाइन में लग रही थी। बुधवार सुबह भी खाद की लाइन में लग गई। सोचा था कि आज खाद मिल जाएगी तो आराम से पढ़ाई पर फोकस कर पेपर दूंगी। यहां 250 से ज्यादा महिलाएं लाइन में लगी हुई थीं। मैं भी खड़ी हो गई। काफी देर तक खड़े रहने के बाद कह दिया गया कि आज टोकन नहीं दिए जाएंगे। इसी बात पर खाद की लाइन में लगे महिला-पुरुष आक्रोशित हो गए। सभी सिस्टम से परेशान होकर सड़क पर बैठ गए। समझाइश के बाद फिर से लाइन में लग गए। गालियां देकर कहा- तू नेता बन रही है क्या?
गुड़िया के अनुसार- टोकन के लिए हम सभी खड़े थे। कुछ देर बाद तहसीलदार मैडम मौके पर आईं और लोगों से मंडी प्रांगण में लाइन लगाने को कहा। हमें कहा गया कि, आधे घंटे में टोकन मिलेंगे। पहले पुरुषों को टोकन बांटे गए। एक महिला ने टोकन मांगा तो मैडम ने उसके गाल पर थप्पड़ मार दिया। मैं आगे आई तो मुझे भी थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद भीड़ मंडी कार्यालय के पास लाइन में खड़ी हो गई। कुछ देर बाद तहसीलदार, एसडीएम और अन्य अधिकारी पहुंचे। मेरा आधार कार्ड और मोबाइल छीनकर नाम-पता लिखवाया गया। मुझे कहा गया कि जेल भेज देंगे, एफआईआर कर देंगे। गालियां दी गईं और कहा कि तू नेता बन रही है क्या? तुझे बस खाद चाहिए?। छात्रा ने कहा कि तीन सप्ताह से लोग खाद के लिए भटक रहे हैं। “हर दिन 2 से 3 हजार लोग आ रहे थे, लेकिन टोकन सिर्फ 400-500 दिए जाते थे, जिसमें महिलाओं को बहुत कम मिलते थे। कई बार टोकन के बाद भी खाद नहीं मिली। उसने बताया कि इस दौरान भीड़ और अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। छात्रा का आरोप- मैडम के पक्ष में वीडियो बनाने के लिए दबाव डाला
गुड़िया ने बताया कि घटना के बाद दोपहर करीब 12 बजे घर लाैटी। कुछ देर बाद उसके घर कुछ लोग आए। वे बोले- वीडियो बनाकर बोल दो कि, मैडम से कोई विवाद नहीं हुआ। भीड़ में गलती से धक्का लगा। 30 सेकेंड का एक वीडियो दे दो, तो कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने खाद दिलवाने का आश्वासन भी दिया गया। मुझसे कहा गया कि चक्काजाम का आरोप है, इसलिए वीडियो दो। मैडम भी माफी मांगने को तैयार हैं। छात्रा का कहना है कि, दबाव में उसने वीडियो बना दिया। उसने आरोप लगाए कि, उसके अलावा और भी महिलाओं के साथ हाथापाई हुई। इतना बड़ा पद होने के बाद भी मैडम को आम जनता से बात करने का ढंग नहीं है। अब तो महिलाएं तक सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। उसने अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की। गालियां दी, बहुत गंदे शब्दों का उपयोग किया
गुड़िया ने कहा- मुझे कोई वीडियो नहीं बनाना। इस पर वे जबरदस्ती करने लगे। बोले- 30 सेकेंड का वीडियो डाल दोगे तो तुम्हारे ऊपर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी। आपसे बार-बार यह नहीं पूछा जाएगा कि मैडम के साथ क्या हुआ था। आपने जो चक्काजाम करवाया, उस पर भी कोई बात नहीं करेगा। मैडम ने तो मेरे साथ बहुत बुरा सुलूक किया। चांटा ताे मारा ही खींचातानी की। मैंने किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की। मैडम का कहना है कि आपने गेट पर ताल मारी। इस पर छात्रा का कहना है कि हमने तो बस इतना कहा था कि खाद है तो दे क्यों नहीं रहे हो। मैडम उल्टे आरोप लगा रही हैं, ताकि उन पर कोई कार्रवाई न हो जाए। एसडीएम साहब तो जेल भेजने का कह रहे थे, गालियां दे रहे थे। बहुत ही गंदे तरीके से बात की थी। शब्दों का उपयोग किया। घटनाक्रम के बाद महिला अधिकारी की तबीयत बिगड़ी थी
विवाद के बाद नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि सिंघई ने नोटिस का जवाब दे दिया है। जान लीजिए, क्यों उमड़ी अचानक से भीड़
जानकारी के अनुसार हरपालपुर रेलवे स्टेशन के रैक प्वाइंट पर यूरिया और डीएपी खाद की लगातार रैक आ रही थी, लेकिन 10 दिन पहले रैक प्वाइंट पर निर्माण कार्य शुरू हो गया और मालगाड़ी का आना बंद हो गया, जिससे जिले में खाद की सप्लाई प्रभावित हो गई और 10 दिन तक यूरिया नहीं आया। 1 दिसंबर को 1400 मैट्रिक टन यूरिया की रैक छतरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जिसका बुधवार की सुबह वितरण शुरू हुआ और सटई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में किसानों की भीड़ लग गई। लापरवाही पर कलेक्टर ने नोटिस जारी किया था
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने शासकीय सेवा अनुरूप कर्तव्य निर्वहन आचरण में लापरवाही बरतने पर सौरा मंडल की नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई को कारण बताओ नोटिस किया। कलेक्टर ने नोटिस में लिखा है कि नायब तहसीलदार का कृत्य मप्र सिविल सेवा(आचरण) नियम 1965 के विपरीत है, इसलिए आप अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। जवाब समय सीमा में और संतोषप्रद न पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी। लड़की का कोई वीडियो नहीं बनाया गया है
छतरपुर एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि मैने लड़की से कोई वीडियो नहीं बनवाया है मैं उसे जानता तक नहीं ना ही मेरी उससे कोई बात हुई है नहीं मैंने उससे कोई अभद्रता की है। साढ़े 37 हजार टन यूरिया की जरूरत
कृषि विभाग के अनुसार इस रबी सीजन में बोई गई विभिन्न फसलों में डालने के लिए जिले के किसानों को साढ़े 37 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है, जिसमें से अब तक जिले को 30512 टन विभिन्न रैक के माध्यम से उपलब्ध हो चुका है। इसमें से 26189 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसके बाद भी विभाग के पास 4323 टन यूरिया उपलब्ध है, जिसका वितरण किया जाएगा।


