टोडाभीम क्षेत्र के ग्राम डोरावली में शनिवार को एक दिवसीय ढेंचा दंगल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन के दौरान मीणावाटी लोकगीतों के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश दिए गए, जिससे पूरा माहौल लोकसंस्कृति से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में रामू मास्टर, कैलाश भावला, नेमीचंद खूंटला, खुशीराम कुडगांव मंडावरा और रमशी मेडिया बड़ौदा मीना ने मीणावाटी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने रामायण, महाभारत सहित अन्य पौराणिक कथाओं और प्रसंगों को अपने गीतों के जरिए रोचक और सरल शैली में प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। नशा मुक्ति और बालिका शिक्षा पर दिया जोर ढेंचा दंगल में गायक कलाकारों ने अपने गीतों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया। प्रस्तुतियों में नशा मुक्ति और बालिका शिक्षा जैसे अहम विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गीतों के जरिए बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक है, वहीं बालिकाओं की शिक्षा से समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। सांस्कृतिक आयोजनों से बढ़ता है भाईचारा इस अवसर पर रामकेश डोरावली ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आपसी मेल-जोल और भाईचारे को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन लोक संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कार विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान रामकेश डोरावली ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दें और बेटियों को आगे बढ़ने के लिए पूरा अवसर प्रदान करें। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों की ओर से ढेंचा दंगल में पहुंचे सभी अतिथियों का फूल-मालाएं पहनाकर और साफा बांधकर सम्मान किया गया। आयोजन देर शाम तक चला, जिसमें ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और सहभागिता के साथ भाग लिया।


