सरकार ने मंगलवार को नेशनल हाईवेज पर चलने वाले वाहनों के लिए टोल नियम सख्त कर दिए हैं। अब टोल न चुकाने वाले वाहनों को NOC, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सेवाएं नहीं मिलेंगी। यह बदलाव सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 2026 के तहत किए गए हैं। इसका मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन मजबूत करना और टोल चोरी रोकना है। कौन-कौन सी सेवाएं रोकी जाएंगी? नए नियमों के लागू होने के बाद, अगर किसी गाड़ी पर टोल का बकाया मिलता है, तो उसकी ये सर्विसेज रोकी जाएंगी। अनपेड टोल यूजर’ की नई परिभाषा तय हुई सरकार ने नियमों में ‘अनपेड टोल यूजर’ शब्द को भी परिभाषित किया है। इसके तहत, यदि किसी वाहन की आवाजाही इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम यानी फास्टैग जैसे माध्यमों से रिकॉर्ड की गई है, लेकिन उसका भुगतान नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 के अनुसार नहीं मिला है, तो उसे बकाया माना जाएगा। यानी अगर आपके फास्टैग में बैलेंस कम था और आपने टोल पार कर लिया, तो वह बकाया राशि आपकी गाड़ी के रिकॉर्ड से जुड़ जाएगी। फॉर्म 28 बड़ा में बड़ा बदलाव किया गया एनओसी (NOC) के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 28 को भी अपडेट कर दिया गया है। अब वाहन मालिक को इस फॉर्म में खुद यह घोषणा करनी होगी कि उसकी गाड़ी पर कोई टोल बकाया नहीं है। इसके साथ ही गाड़ी मालिक को संबंधित टोल विवरण भी देना होगा। डिजिटल तरीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि फॉर्म 28 के कुछ हिस्से अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी जारी किए जा सकेंगे। बिना बैरियर के टोल वसूली की तैयारी सरकार का यह कदम भविष्य में शुरू होने वाले ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) टोलिंग सिस्टम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सिस्टम में हाईवे पर कोई फिजिकल टोल प्लाजा या बैरियर नहीं होगा। गाड़ियां तेज रफ्तार में हाईवे से गुजरेंगी और लगे हुए कैमरे और सेंसर अपने आप टोल काट लेंगे। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म हो जाएंगी और ईंधन की बचत होगी। चूंकि बिना बैरियर के टोल वसूली में कोई गाड़ी को मौके पर रोक नहीं पाएगा, इसलिए सरकार ने इसे गाड़ी के कागजों (NOC और फिटनेस) से जोड़ दिया है ताकि लोग खुद ही समय पर भुगतान करें।


