अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ व्यापार में 25% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। हालांकि व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में लगभग 600 लोग मारे जा चुके हैं। ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वालों में प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है। ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन जारी ईरान में बीते 17 दिनों से सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन आर्थिक संकट से शुरू होकर अब सत्ता के खिलाफ पहुंच चुके हैं। अमेरिका के मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, प्रदर्शनों में अब तक 599 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ट्रम्प बोले- ईरान रेड लाइन क्रॉस कर रहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान सरकार प्रदर्शनों को रोकने के लिए रेड लाइन पार कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ‘कड़े विकल्पों’ पर विचार कर रहा है। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के साथ जो हो रहा है, उस पर अमेरिका की नजर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान रेड लाइन पार कर चुका है, तो उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि वे ऐसा करने लगे हैं।” ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका से संपर्क कर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। बैठक तय करने को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, हालात को देखते हुए उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है, क्योंकि मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है और गिरफ्तारियां जारी हैं। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी प्रदर्शनों के बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेस, शिप्स और इजरायल हमारे टारगेट पर होंगे। यह बयान संसद के लाइव सत्र के दौरान दिया गया, जहां सांसद ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगा रहे थे। कालीबाफ ने ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हालात में मजबूती से काम किया है। प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों से सबसे सख्त तरीके से निपटा जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।


