ट्रम्प बोले- रूस-यूक्रेन को जमीन अदला-बदली करनी होगी:तभी जंग खत्म होगी; जेलेंस्की ने कहा- अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे, सुरक्षा गारंटी भी मिले

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प बुधवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक का मकसद रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के रास्ते तलाशना था। बैठक में ट्रम्प ने कहा कि इस जंग को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों को जमीन की अदला-बदली करनी पड़ सकती है। इस पर यूरोपीय नेताओं ने ट्रम्प को समझाने की कोशिश की कि 15 अगस्त को होने वाली उनकी रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में ऐसा कोई समझौता न हो, जिससे यूक्रेन को नुकसान पहुंचे। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनबास क्षेत्र की जमीन रूस के सौंपने के सवाल पर जेलेंस्की ने साफ कहा कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पहले युद्धविराम होना चाहिए और फिर सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए। इस बैठक में फिनलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, पोलैंड, यूरोपीय यूनियन (EU) के नेता और नाटो महासचिव मार्क रूट भी मौजूद थे। जेलेंस्की बोले- मेरी पोजिशन नहीं बदलेगी जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की जमीन के बारे में कोई भी फैसला बिना यूक्रेन की सहमति के नहीं हो सकता। मेरी पोजिशन नहीं बदलेगी। एक दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि उनके पास अपनी देश की जमीन छोड़ने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आगे कहा- पहले युद्धविराम होना चाहिए, फिर मजबूत सुरक्षा गारंटी दी जानी चाहिए। रूस को यूक्रेन के यूरोप या नाटो में शामिल होने की संभावनाओं पर वीटो लगाने का अधिकार नहीं होना चाहिए। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि पुतिन शांति नहीं चाहते, वे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहते हैं। पुतिन किसी को बेवकूफ नहीं बना सकते। यूरोप और यूक्रेन को डर है कि ट्रम्प और पुतिन में कोई ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे रूस को यूक्रेन का करीब पांचवां हिस्सा मिल सकता।
2021 में आखिरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति से मिले से पुतिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प शुक्रवार को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। इसका मकसद यूक्रेन में साढे तीन साल से चल रहे जंग को खत्म करना है। अमेरिका और रूस के राष्ट्रपति के बीच आखिरी मुलाकात जून 2021 में हुई थी। उस वक्त तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पुतिन ने जिनेवा में मुलाकात की थी। ट्रम्प अब तक 4 बार रूसी राष्ट्रपति से बात कर चुके हैं… जानिए क्यों शुरू हुई रूस-यूक्रेन की जंग फरवरी 2022- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले का ऐलान करते ही यूक्रेन में रूसी टैंक धड़धड़ाते हुए घुसने लगे। तब के अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बोले- पुतिन से बातचीत का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है। रूस को यूक्रेन पर हमले की गंभीर कीमत चुकानी होगी। फरवरी 2025- अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन से फोन पर 90 मिनट तक बात की। इसके बाद सऊदी अरब में यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और अमेरिकी के बीच हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें यूक्रेन को नहीं रखा गया। ट्रम्प ने पुतिन की तारीफ की और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ कह दिया। मई 2025- रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति बातचीत 2025 में तेज हुई, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल के बाद। हाल के दिनों में कैदी अदला-बदली हुई है, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा गारंटी पर मतभेद बने हुए हैं।

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