इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कॉन्ट्रैक्टर सुनीर उप्पल पर कार सवार हमलावरों ने फायरिंग की जिसमें वह बाल-बाल बच गया मगर हमलावरों ने पिस्तौल की बट मारकर घायल कर दिया। घटना शनिवार रात साढ़े 11 बजे की है। पीड़ित ने कहा कि जब रणजीत एवेन्यू थाना में शिकायत दर्ज कराने के बाद रात करीब 12 बजे घायल हालत में सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने पट्टी वगैरह करने के बाद एक्स-रे के लिए लिखा। यह सब करते रात के एक बज गए। जब इमरजेंसी वार्ड में एक्स-रे करवाने के लिए पहुंचे तो एमएलआर काटने से मना कर दिया गया। वजह पूछने पर बताया गया कि कोई स्टॉफ मौजूद नहीं है। काफी देर भटकने के बाद ठेकेदार को निराश होकर बिना एक्स-रे करवाए घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं सुबह 9 बजे बाद सिविल अस्पताल जाने पर उसी जगह एक्सरे कर एमएलआर काटकर दिया गया। यह पूरी घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के उच्च अफसर बचाव में आ गए हैं कि ऐसा नहीं हो सकता है। लेकिन सवाल यह उठ रहे कि ओपीडी दिन में चलती है। रात में तो इमरजेंसी वाले केस ही सिविल अस्पताल में जाते हैं। वहीं ट्रस्ट कांट्रेक्टर सुनीर पर हमले के मामले में थाना रणजीत एवेन्यू पुलिस ने अज्ञात पर पर्चा दर्ज किया है। पुलिस हमलावरों को ट्रेस करने में लगी हुई है। ^जानबूझकर लोग परेशान करने के लिए इस तरह की शिकायतें कर देते हैं। जिस जगह की फोटो सामने आई है, वह दवाइयों का कमरा है। इसलिए उसमें ताला लटक रहा है। रात में 4-5 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसा हो ही नहीं हो सकता कि स्टाफ न रहा हो। फिर भी पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। ताकि आगे किसी भी मरीज को ऐसी कोई समस्या न आए। – किरनदीप कौर, सिविल सर्जन


