ट्रस्ट टेंडर विवाद…:7 अफसरों के सस्पेंशन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, सुनवाई आज

भास्कर न्यूज| अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के 52.40 करोड़ रुपए के टेंडर में गड़बड़ियों का आरोप लगने के मामले में 7 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद यह मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी है। बता दें कि एडीसी शहरी डवलपमेंट की इंक्वायरी रिपोर्ट के बाद लोकल बाडीज विभाग के सेक्रेटरी आईएएस मनजीत सिंह बराड़ ने बीते 30 दिसंबर को ट्रस्ट के 2 एक्सईएन, 3 एसडीओ, जूनियर इंजी. व एसई को सस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद एसई इंजीनियर सतभूषण सचदेवा व अन्य ने फैसले के खिलाफ बीते 9 जनवरी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में सस्पेंशन की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका डाली है। एसई सतभूषण सचदेवा, एक्सईएन रमिंदरपाल सिंह काहलों और बिक्रम सिंह, एसडीओ सुखरिपन पाल सिंह, शुभम धिपेश, मनप्रीत सिंह और जूनियर इंजीनियर मनदीप सिंह को सस्पेंड किया गया था। ऑर्डर में लिखा था कि इन अफसरों-मुलाजिमों को हेड क्वार्टर चंडीगढ़ लोकल बाडीज विभाग में फिक्स किया जाता है। जबकि राजीव सेखड़ी से मुख्य निगरान इंजीनियर इंप्रूवमेंट ट्रस्टों का चार्ज वापस ले लिया गया है। उनकी जगह पर राजीव कुमार पटियाला रीजन (नगर कौंसिलों) को पंजाब के सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्टों की जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन किन कारणों से सस्पेंड किया गया इसका जिक्र इस आदेश में नहीं था। यही नहीं इसके पहले एसएसपी विजिलेंस को भी सस्पेंड कर दिया गया था। रणजीत एवेन्यू ब्लॉक-सी व 97 एकड़ स्कीम के डवलपमेंट को लेकर 52.40 करोड़ के टेंडर की फाइनेंशियल बिड बीते 18 दिसंबर को ओपन होने पर शर्मा कांट्रेक्टर ने 1.08% का लेस देकर एच-1 बिडर बनी थी। जबकि राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर ने 0.25% का लेस दिया इसलिए टेंडर अपने नाम नहीं कर पाई। वहीं, सीगल इंडिया लिमिटेड व गणेश कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डाक्यूमेंट्स पूरे नहीं होने व टेक्निकल खामी बताकर फाइनेंशियल बिड से पहले ही बाहर कर दिया गया था। जिसके बाद सीगल इंडिया ने चीफ सेक्रेटरी से शिकायत कर दी थी। वहीं, मामले की इंक्वायरी डीसी को सौंपी गई। गौर हो कि सीगल इंडिया लिमिटेड कंपनी की तरफ से चीफ सेक्रेटरी को शिकायत के बाद डीसी ने एडीसी यूडी के नेतृत्व में 4 मेंबरी कमेटी बना जांच सौंपी थी। इंक्वायरी रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट अफसरों के खिलाफ गाज तो गिरा दी गई लेकिन टेंडर रद्द नहीं किया गया। इसी मामले में लोकल बाडीज विभाग के सेक्रेटरी ने लुधियाना से जिन 5 अफसरों को अमृतसर में एडिश्नल चार्ज सौंपा था, उन्हीं की 5 मेंबरी टेक्निकल कमेटी बनाते इंक्वायरी सौंप दी थी। जो टेंडर का रिवैल्यूएशन कर रिपोर्ट सौंपेगी। लेकिन 11 दिनों बाद भी जांच रिपोर्ट अधूरी है। इस कमेटी में एसई बूटा राम सिंह, एक्स-ईएन मनदीप सिंह, एसडीओ परमिंदर सिंह, एसडीओ जसकरनबीर सिंह, एसडीओ वरुण गुप्ता को शामिल किया गया। जबकि अमृतसर ट्रस्ट में तैनात कोई अफसर शामिल नहीं किए गए। सेक्रेटरी के जारी आदेश में लिखा गया कि एडीसी की रिपोर्ट के आधार पर 97 एकड़ स्कीम व रणजीत एवेन्यू ब्लॉक सी के डवलपमेंट कामों के मुख्य रखते हुए टेंडर मामले में पार्टिसिपेंट को दस्तावेज पेश करने के लिए मौका देते टेंडर रिवैल्यूएशन कराई जाए।

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