भास्कर न्यूज | अमृतसर रामतीर्थ रोड पर ट्रांसपोर्ट विभाग का दफ्तर सोमवार को करीब 6 घंटे अंधेरे में ही रहा मगर जनरेटर नहीं चलाया गया। दफ्तरों में बैठे अधिकारियों के कंप्यूटर बंद रहे और लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा। लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर अधिकारियों को ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। अधिकारी सिर्फ यही तर्क देते रहे कि बिजली न होने की वजह से काम नहीं हो पाएगा। हालांकि बिजली कट के कारण दफ्तर में बिजली गुल रही मगर विभाग को इस बारे पता होने के बाद भी जनरेटर होने के बावजूद उसे चलाना ठीक नहीं समझा। रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर खुशदिल सिंह संधू से भी इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी को परेशानी नहीं हुई है। वह खुद लोगों के साथ डीलिंग करते रहे हैं। हालांकि जनरेटर क्यों नहीं चला, उस बारे वह कुछ भी नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि बिजली कौन सी रोज-रोज जाती है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को उक्त दफ्तर में सुबह 10 बजे बिजली चली गई थी। बिजली चले जाने के बाद दफ्तर में लगा जनरेटर चलाया ही नहीं गया। सेक्शन अॉफिसर, सीनियर सहायक, जूनियर क्लर्क व अन्यों के दफ्तरों में भी अंधेरा छाया रहा। दफ्तरों में जब लोग काम करवाने के लिए आ रहे थे तो उन्हें कहा गया कि बिजली नहीं है, कल आना होगा। कुछ लोग तो ऐसे थे जो अंधेरे में ही अधिकारियों के दफ्तर ढूंढ रहे थे। उनसे जब दैनिक भास्कर ने बात की तो दलबीर सिंह का कहना था कि बड़ी हैरानी की बात है कि अगर बिजली नहीं है तो दफ्तर में जनरेटर होने के बावजूद उसे क्यों नहीं चलाया गया। लोगों को बिना वजह ही लौैटाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शाम 4 बजे बिजली आई तो लोगों के साथ डीलिंग ही नहीं की गई। कुछ लोगों का कहना था कि जब दफ्तर पहुंचे थे तो उन्हें स्टाफ ने कहा कि अब कोई डीलिंग ही नहीं होगी।


