पुडा कॉम्प्लेक्स के पास ये अनदेखी नहीं अत्याचार है। वह भी उन पेड़-पौधों के प्रति जो हमें खुद का दम घुटने के बाद भी सांसें दे रहे हैं। हर रोज। बिना किसी सिफारिश और गुजारिश के। ट्री गार्ड पेड़ों को रोज तिल-तिल मार रहा है। इन पेड़ोंं को बेमौत मरने से बचाना जरूरी है। अफसोस है कि इसकी चिंता उन पर्यावरण प्रेमियों को भी नहीं है, जिन्होंने इन्हें बचाने के लिए लोहे के गार्ड लगवाए थे। वन विभाग और नगर निगम को प्राथमिकता के आधार पर पहल करनी चाहिए। इसके लिए किसी दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए। इनसे निकला लोहे का गार्ड वहां लगाया जाए जहां इसकी जरूरत है। – हर्षिता बावा, सूर्या एनक्लेव


