ट्रेनों में 4 मार्च तक की टिकट बुकिंग ओपन:झारखंड-बिहार आने वाली ट्रेनों में सीटों का टोटा, बुकिंग खुलते ही सीटें खत्म, बढ़ रही वेटिंग

होली का पर्व नजदीक आते ही महानगरों से अपने घरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। खासकर झारखंड और बिहार जाने वाले यात्रियों की भीड़ ट्रेनों में साफ नजर आने लगी है। मुंबई, दिल्ली, सूरत, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों से निकलने वाली लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें पहले से ही फुल हो चुकी हैं। स्लीपर और थर्ड एसी कोचों में स्थिति यह है कि कई ट्रेनों में टिकट बुकिंग खुलते ही ‘रिग्रेट’ दिखने लगा है। इसका सीधा असर प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। बुकिंग खुलते ही खत्म हुई सीटें, बढ़ती जा रही वेटिंग रेलवे ने 1 से 4 मार्च तक की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग पहले ही खोल दी है, लेकिन बुकिंग शुरू होते ही झारखंड और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं रहीं। कोडरमा के रास्ते चलने वाली करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। इनमें 12322 मुंबई-कोलकाता हावड़ा मेल एक्सप्रेस, 12937 गांधीधाम-हावड़ा गरबा एक्सप्रेस, 13308 गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, 12801 नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और 13152 जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ती जा रही है। घर लौटने के लिए वेटिंग का सहारा इस वर्ष 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। इसके साथ ही शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग न सिर्फ होली मनाने बल्कि पारिवारिक कार्यक्रमों और शादियों में शामिल होने के लिए भी अपने गांव-घर लौटना चाहते हैं। यही वजह है कि इस बार ट्रेनों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। कई यात्रियों ने समय रहते टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वेटिंग टिकट से ही संतोष करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि अगर समय पर यात्रा नहीं हो पाई तो उन्हें त्योहार अपने घर से दूर ही मनाना पड़ेगा। अब स्पेशल ट्रेनों की ही उम्मीद इधर रेलवे द्वारा कोहरे को लेकर पहले से ही कई ट्रेनों को 28 फरवरी तक रद्द कर दिया गया है। इससे बाहर रहने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। यात्रियों को अब रेलवे से होली के मौके पर विशेष ट्रेनों के परिचालन की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल स्पेशल ट्रेनों की संख्या और समय-सारिणी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों का कहना है कि अगर पर्याप्त संख्या में स्पेशल ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो एक बार फिर लोगों को भीड़भाड़ और जोखिम भरी यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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