ट्रेन में बच्ची के लिए देवदूत बने टीटीई:रानीखेत एक्सप्रेस में लावारिस मिली 7 साल की मासूम, टीटीई सोलंकी की सतर्कता से चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द

जोधपुर-जैसलमेर के बीच चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस में सोमवार रात मानवता की एक प्रेरक मिसाल देखने को मिली। ट्रेन के टीटीई मनोज सिंह सोलंकी ने एक लावारिस और असहाय बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे नई जिंदगी दी। दरअसल, ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस में सोमवार रात जोधपुर से जैसलमेर के बीच टीटीई मनोज सिंह सोलंकी ड्यूटी पर थे। जब वे जनरल कोच में टिकटों की जांच कर रहे थे, तब उनकी नजर करीब 7 वर्षीय एक अबोध बालिका पर पड़ी। वह कोच में बिल्कुल अकेली और बेहद डरी हुई अवस्था में बैठी थी। परिजनों का पता नहीं चला तो लिया एक्शन टीटीई सोलंकी ने तुरंत मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची के पास जाकर उससे पूछताछ की। काफी प्रयास के बाद भी जब यह स्पष्ट हो गया कि ट्रेन में उसके साथ कोई अभिभावक मौजूद नहीं है और वह पोकरण रेलवे स्टेशन के पास से लावारिस स्थिति में सफर कर रही है, तो सोलंकी ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने बिना देरी किए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। जैसलमेर में सुरक्षित सुपुर्दगी ट्रेन के जैसलमेर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर टीटीई सोलंकी ने बच्ची को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सुपुर्द कर दिया। रेलवे प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन अब बालिका के परिजनों की तलाश में जुटे हैं, ताकि उसका सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। टीटीई की इस तत्परता और सतर्कता की रेलवे विभाग और यात्रियों द्वारा सराहना की जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *