जोधपुर में ट्रेन में यात्रा के दौरान एक यात्री का जेवरात से भरा बैग छूट गया। इसकी सूचना उन्होंने हेल्पलाइन जरिए जीआरपी को दी। इसके बाद जीआरपी की मदद से लाखों के जेवरात को वापस लौटाया गया। दरअसल, जोधपुर के जनता कॉलोनी निवासी विक्की तेजी और उसकी पत्नी प्रियंका गाड़ी संख्या 14707 में मूंडवा से जोधपुर के लिए बैठे थे। जोधपुर पहुंचने के बाद वे जोधपुर उतर गए लेकिन एक बैग ट्रेन में ही रह गया जिसमें जेवरात थे। इसकी सूचना उन्होंने 139 पर सूचना दी कि एक काले रंग का बैग छूट गया है। सूचना मिलने पर लूणी जीआरपी चौकी की एएसआई कंचन राठौड़ और हैड कॉन्स्टेबल कविता बिश्नोई द्वारा गाड़ी संख्या 14707 के लूणी स्टेशन आगमन पर सीट पर जाकर देखा तो एक काले रंग का बेग मिला जिस पर सह यात्रियों से पूछने पर किसी ने अपना नहीं होना बताया।इस पर मौके पर मौजूद लोगों की मौजूदगी में बैग खोलकर देखने पर कीमती जेवरात व कपड़े पाए गए। सामान कीमती होने पर सामान को जीआरपी चौकी लूणी लाया गया। इसके बाद रेल मदद में वर्णित नंबर पर यात्री को सामान मिलने की जानकारी दी गई। बाद यात्री विक्की तेजी अपनी धर्मपत्नी प्रियंका के साथ लूनी स्टेशन आए। वह सामान की पूर्ण तस्दीक कर सभी जेवरात व बेग अपना होना बताया। बाद जेवरात व बेग की मलिकाना हक की पूर्ण तस्दीक तस्दीक से संतुष्ट होकर जरिए रेलयात्री विक्की तेजी को मय फोटोग्राफी सामान सुपुर्द किया गया। जेवरात की कीमत लगभग 8 से 9 लख रुपये बताई गईं।


