ट्रेलर ड्राइवर चोरी करा रहे रोज ₹3 करोड़ का सरिया:हजारीबाग-बरही के बीच बेखौफ चल रहा कारोबार, 250 ट्रेलरों से हर दिन उतरता है सरिया

हजारीबाग और बरही के बीच लोड ट्रेलर से रोज बड़ी मात्रा में सरिया की चोरी हो रही है। ड्राइवर के सहयोग से इस हेरा-फेरी को अंजाम दिया जा रहा है। लोहा तस्कर गिरोह के सदस्य ब्रांडेड हो या लोकल छोटी बड़ी हर कंपनियों का सरिया उतार रहे हैं। चोरी का माल लोहे की दुकान या कंस्ट्रक्शन साइट पर खपाया जा रहा है। हाईवे के किनारे लाइन होटल के पीछे चोरी के दर्जनों ठिकाने हैं। भास्कर टीम ने हजारीबाग और बरही के बीच ऐसे 10 ठिकानों की पड़ताल की। ग्राहक बनकर पहुंची टीम ने गिरोह का कारनामा कैमरे में कैद किया। हर ठिकाने पर बेरोकटोक बेखौफ यह कारोबार चल रहा था। ट्रेलरों से 24 घंटे सरिया चोरी हो रही थी। यहां सारा खेल सेटिंग से होता है। ट्रेलर चालकों को दिए जाते हैं 10 हजार रुपए पड़ताल में यह भी सामने आया कि इस धंधे में ट्रेलर चालकों को भी ₹10 हजार दिए जाते हैं। एक ठिकाने पर रोज कम से कम ढाई सौ ट्रेलर रुकते हैं और इसे प्रति ट्रेलर करीब ढाई क्विंटल सरिया खींच लिया जाता है। इस तरह हर रोज करीब 625 क्विंटल सरिया उतारा जाता है। इसकी कीमत 30 लाख रुपए होती है। ऐसे ही 10 ठिकानों का हिसाब करें तो प्रतिदिन 3 करोड़ की हेरा-फेरी हो रही है। यानी महीने में 90 करोड़ का घपला किया जा रहा है। मामले की जानकारी पुलिस को है लेकिन कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में धड़ल्ले से हेरा-फेरी हो रही है। इस मामले में बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने पूछे जाने पर कहा मैं तत्काल संज्ञान ले रहा हूं। ऐसे धंधा चलने नहीं दिया जाएगा। मैं संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल निर्देश जारी कर रहा हूं। पदमा थाना के ठीक सामने हेरा-फेरी भास्कर टीम पदमा पहुंची तो वहां थाने से महज 500 गज की दूरी पर सरिया की हेरा-फेरी हो रही है। थाना के करीब एक बीएड कॉलेज है उसके पास यह कारोबार चल रहा है। वहीं पदमा के ही दाऊजी नगर में पैक्स के गोदाम के पीछे भी इस अवैध धंधे को अंजाम दिया जा रहा है। हाईवे के किनारे होटल पर भी यह धंधा जोरों से चल रहा है। पदमा थाना प्रभारी भानूप्रताप सिंह से इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सूचना पर हमने जांच की थी। हमें जानकारी मिली कि ट्रेलर चालक अपना खर्चा निकालने के लिए जंगलों में लोहा बेच देते हैं। पहले यह धंधा चल रहा था अभी नहीं चल रहा है। वैसे मेरे संज्ञान में मामला है फिर जांच कर कार्रवाई करूंगा। कारोबारी से बातचीत के अंश रिपोर्टर: घर बना रहा हूं मुझे कुछ लोहा चाहिए क्या मिल पाएगा? कारोबारी: बोलिए ना कितना लोहा चाहिए और किस साइज का चाहिए किस कंपनी का चाहिए। रिपोर्टर: किस-किस कंपनी का लोहा मिल जाता है यहां? कारोबारी: आपको टाटा टिस्कोन ,जिंदल पैंथर,कामधेनू टीएमटी ,सेल टीएमटी, श्याम ,मोंगिया ,वीजा टीएमटी, ईसार , एसडब्ल्यू नियो टीएमटी ,एसआरएमबी के अलावा लोकल कंपनियों का भी आपको लोहा मिल जाएगा। रिपोर्टर: क्या रेट पड़ेगा? कारोबारी: कंपनी और लोहा के साइज पर निर्भर करता है। फिर भी आपको प्रति क्विंटल 500 से ₹800 का फायदा होगा। रिपोर्टर: यहां से कहां-कहां सप्लाई करते हैं? कारोबारी: बहुत दुकान वाले भी लोहा ले जाते हैं इसके अलावा घर या कंस्ट्रक्शन के काम के लिए भी लोहा ले जाते हैं। उनका बिल भी उपलब्ध करा दिया जाता है। रिपोर्टर: पुलिस से दिक्कत नहीं है? कारोबारी: एक साथी बिहार के हैं उनको हम लोग बिहारी- बिहारी के नाम से बुलाते हैं और एक दिलीप हैं जो लोकल हैं यह दोनों मिलकर सब कुछ मैनेज करते हैं । हम लोग जितना संचालक हैं उन सबको पैसा देना पड़ता है। हर महीना एक से डेढ़ लाख मैनेज के लिए लेते हैं। कभी-कभी अधिक पैसा भी देना पड़ता है। कोई दिक्कत नहीं है ऊपर तक मैनेज है। ऐसे समझिए कारोबार के पीछे की कहानी एक कारोबारी ने बताया कि फैक्ट्री से लोहा लेकर चले ट्रेलर चालक को वजन में ढाई क्विंटल तक छूट रहती है। इसी छूट के नाम पर सारा खेल चलता है। ट्रेलर चालकों से सेटिंग रहती है। वे तय ठिकाने पर गाड़ी खड़ी कर देते हैं। वहां किसी पेड़ से सरिया को लोहे की चेन से बांध कर ट्रेलर को आगे बढ़ाया जाता है। ट्रेलर आगे बढ़ता है तो सरिया निकल जाता है। ट्रेलर से उतना ही सरिया उतारा जाता है कि वजन निर्धारित सीमा के भीतर ही रहे। ड्राइवर को 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल दिया जाता है। इस तरह करीब 10 हजार रुपए उनकी अतिरिक्त कमाई होती है। धंधेबाज इसे 5 हजार से 55 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक बेचते हैं। हर ठिकाने पर दो से तीन मजदूर रहते हैं। हर 8 घंटे बाद इनका शिफ्ट बदला जाता है। हर मजदूर को 40 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाता है। कारोबारी ने बताया कि यहां 8 एमएम, 10 एमएम, 12 एमएम,16 एमएम,20 एमएम, 25 एमएम तक लोहा आपको दे देंगे। कारोबार से जुड़े हैं कई नाम पदमा थाना के सामने, दाऊजी नगर में लाइन होटल और पैक्स गोदाम के पीछे चल रहा कारोबार बिहार के रहने वाले बिहारी और राहुल मेहता नाम के कारोबारी की पार्टनरशिप में चल रहा है। जबकि थाना के समीप बीएड कॉलेज के पास चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र के गणेश मेहता और पदमा थाना क्षेत्र के रहने वाला दिलीप मेहता यह कारोबार चला रहा है। वहीं उसी के बगल में कदवां में हाईवे के किनारे बरही थाना क्षेत्र का रहने वाला प्रेम मेहता कारोबार चलाता है। वह वहीं हाईवे के किनारे प्रेम होटल चला रहा है और होटल के पीछे यह कारोबार चल रहा है। इसी रोड में एक सेंटर ऐसा भी है जहां हाईवे के किनारे तालेश्वर होटल के नाम से संचालित है और उसके पीछे आयरन डस्ट, छड़ के साथ-साथ जन वितरण की सामग्री का भी अवैध कारोबार संचालित हो रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *