निपाह वायरस को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड ने एसओपी जारी की है। साथ ही राज्य के सभी सिविल सर्जनों को निर्देशित किया है कि पश्चिम बंगाल के एम्स कल्याणी द्वारा निपाह वायरस संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि की गई है। इन मामलों के सामने आने के बाद, संक्रमित व्यक्त्तियों के संपर्क में आये हुए लोगों की निगरानी की जा रही है। निपाह वायरस एक गंभीर जूनोटिक (पशु से मनुष्य में फैलने वाला) रोग है। जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है। वर्तमान में झारखंड में निपाह वायरस संक्रमण का कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है। सतर्कता ही इस बीमारी से बचाव है। इस रोग का कोई समुचित इलाज नहीं है। निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों का आवागमन रेलगाड़ी एवं हवाई मार्ग से झारखंड में भी हो सकता है, जिसके लिए जिलों में निगरानी जरूरी है। पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के जिलों में आये हुए व्यक्तियों की ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर संभावित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, सर्विलांस तथा रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों की तत्काल सूचना राज्य /जिला सर्विलांस इकाई को देने का निर्देश दिया गया है। आम लोग बरतें ये सावधानी आंशिक रूप से खाए गए या गिरे हुए फलों का सेवन न करें। कच्चा खजूर रस/ ताड़ी का सेवन न करें। बीमार व्यक्ति से अनावश्यक संपर्क से बचें। अफवाहों से बचने के लिए केवल सरकारी सूचना स्रोतों पर विश्वास करें।


