पर्यावास तिराहा में कम हुए हादसे, क्योंकि पुलिस ने यहां कट पॉइंट बंद किए शहर में 14 जानलेवा एक्सीडेंट जोन हैं। साल 2023 में इन रास्तों पर 23 लोगों की मौत हुई थी। 2024 में इनमें से अटल पथ सबसे बड़ा जानलेवा एक्सीडेंट जोन बन गया है। साल 2024 में 13 मार्च से 11 नवंबर तक 8 महीने में इस सड़क पर 16 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 10 लोग घायल हुए और तीन को जान गंवानी पड़ी। साल 2023 में यहां 13 एक्सीडेंट हुए थे, जिसमें एक की मौत हुई थी। ट्रैफिक पुलिस की ताजा रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। पुलिस ने एक्सीडेंट के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट बनाई है। इसके तहत मौके का निरीक्षण कर उसमें सुधार करने के लिए स्मार्ट सिटी को कहा गया है। अटल पथ के बाद दूसरे नंबर पर नया एक्सीडेंट जोन बोर्ड ऑफिस से गुरुदेव गुप्त चौराहा है। साल 2024 में यहां पर कुल 14 हादसों में 11 घायल और एक मौत हुई। 2023 में यहां पर कुल 7 एक्सीडेंट हुए थे, लेकिन एक भी मौत नहीं थी। तरण पुष्कर तिराहे पर पिछले तीन साल में एक भी मौत नहीं हुई। पर्यावास भवन तिराहा भी एक्सीडेंट जोन था। यहां कट बंद करने से हादसे रुक गए। अटल पथ पर हादसे की 4 वजह 1. प्लेटिनम प्लाजा चौराहा पर ढलान पर स्पीड ब्रेकर नहीं होना।
2. दोनों तरफ कट पाइंट नहीं होने से वाहन रॉन्ग साइड आते हैं।
3. स्ट्रीट लाइट के बंद होने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।
4. रोड चौड़ी होने के कारण लोग ओवरस्पीड वाहन चलाते हैं। 14 एक्सीडेंट जोन थे पिछले साल
साल 2021, 2022 और 2023 में शहर में कुल 14 एक्सीडेंट जोन थे। 2023 में अटल पथ के बाद दूसरे नंबर पर 1100 क्वार्टर हनुमान मंदिर पर 12 और कोर्ट चौराहा/पर्यावास भवन पर 11 एक्सीडेंट हुए थे। ट्रैफिक पुलिस ने पर्यावास भवन तिराहा का कट पाइंट बंद कर दिया। इस कारण इस रोड पर एक्सीडेंट होना बंद हो गए हैं। हालांकि अब बड़ी संख्या में लोग वल्लभ भवन रोड से पर्यावास की तरफ रांग साइड आने लगे हैं। सड़क पर 40 करोड़ रुपए खर्च किए गए 1.6 किलोमीटर के अटल पथ को करीब चार साल पहले 40 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट सिटी ने बनाया था। अभी हालात ये है कि इसका मेंटेनेंस ही नहीं कराया जा रहा इससे सड़क की हालत खराब हो चुकी है। सड़क खराब होने के कारण यहां ज्यादा एक्सीडेंट हो रहे हैं। शहर के एक्सीडेंटल जोन बन रहे तिराहे, चौराहा और रोड को चिह्नित किया गया है। हादसों के कारणों का विश्लेषण किया गया है। सभी एक्सीडेंटल जोन में सुधार करेंगे। -संजय कुमार सिंह, डीसीपी ट्रैफिक पुलिस


