भोपाल में ट्रैफिक सुधार के लिए प्रस्तावित 27 में से 5 चौराहा-तिराहा पर फरवरी के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी इन पर करीब 6 करोड़ रुपए खर्च कर ब्लैक स्पॉट सुधारने का काम करेगा। इन पांचों स्थानों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कोर्ट चौराहा भी पहले ब्लैक स्पॉट था, लेकिन लंबे समय से यहां कोई गंभीर सड़क हादसा नहीं हुआ इसलिए इसे ब्लैक स्पॉट की सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, नौ चौराहा-तिराहा पर लेफ्ट टर्न भी तैयार किए जाने हैं। इन स्थानों पर काम करने वाली कोई एजेंसी अभी तय नहीं हुई है, इसलिए यहां काम कब तक शुरू होगा यह तय नहीं है। इनमें से ज्यादातर स्थान लंबे समय से सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम के हॉट स्पॉट बने हुए हैं। एक-एक मोड़ पर वाहनों की लाइनों के कारण रास्ते बार-बार ब्लॉक होते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए भोपाल सांसद आलोक शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट में बैठक हुई थी। इसमें 27 चौराहा-तिराहों के सुधार कार्य पीडब्ल्यूडी को सौंपे गए थे। करीब दो महीने बाद भी सभी 27 स्थानों पर काम की तैयारी पीडब्ल्यूडी नहीं कर पाया है। वल्लभ भवन चौराहा सुधार कार्य के लिए बजट का इंतजार 1250 के पास, व्यापमं चौराहा, गोविंदपुरा टर्निंग, 1100 क्वार्टर के पास और तरुण पुष्कर के पास। इन स्थानों पर पीडब्ल्यूडी अपने बजट से करीब 6 करोड़ रुपए का सुधार कार्य करेगा। इसके अलावा वल्लभ भवन चौराहा पर के सुधार कार्य के लिए फिलहाल बजट सेंक्शन की प्रक्रिया की जा रही है। पेड़ों की वजह से अटका था काम
ब्लैक स्पॉट सुधार कार्य पेड़ों के कारण अटक गया था। पहले पीडब्ल्यूडी ने इन स्थानों पर सुधार कार्य के लिए जिस एजेंसी से सर्वे करवाया था, उसमें कई स्थानों पर पेड़ काटने की सलाह दी गई थी। हालांकि, विभाग के अफसरों ने किसी भी स्थिति में पेड़ काटने के लिए मना कर दिया। इसके बाद पूरे प्रोजेक्ट का दोबारा सर्वे शुरू करवाया है। इन स्थानों में अब भी 15 से ज्यादा पेड़ बाधा बनेंगे, जिन्हें आइलैंड बनाकर डिजाइन में उतारने की योजना बनाई जा रही है। शहर की इन जगह सुधारेंगे लेफ्ट टर्न
राजभवन के सामने गांधी पार्क तिराहा, ज्योति टॉकीज चौराहा, मंदाकिनी चौराहा, नेहरू नगर चौराहा पर दो लेफ्ट टर्न, पीएचक्यू तिराहा, शब्बन चौराहा पर शॉर्ट आर्म, काली मंदिर तिराहा, मनीषा मार्केट चौराहा। इन स्थानों पर सुधार कार्य करने के लिए कलेक्टर भोपाल ने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। बाकी स्थानों को सड़क निर्माण में शामिल किया जाएगा। क्योंकि सड़क निर्माण के दौरान ही इन स्थानों पर भी सुधार या निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके लिए अलग से कोई बजट का प्रावधान जरूरी नहीं।


