ठंड से ठिठुरा MP…25 शहरों में पारा 10° से नीचे:खजुराहो 3.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा; आज 15 जिलों में कोहरा, 4 में कोल्ड डे

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। खासकर उत्तरी हिस्से में ठंड और घने कोहरे का असर ज्यादा है। बीती रात प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। छतरपुर का खजुराहो लगातार दूसरी रात सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार सुबह कोहरे की वजह से मालवा, सचखंड, झेलम, पंजाब मेल समेत कई ट्रेनें निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस साढ़े 3 घंटे लेट है। यह ट्रेन सुबह 7.25 बजे भोपाल आ जाती है, लेकिन आज यह दोपहर 12 बजे तक आएगी। मुरैना में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा समेत कई जिलों में भी कोहरे का असर देखने को मिला है। इससे पहले शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। ऐसा ही मौसम आज शनिवार को भी बना रहेगा। सुबह 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा रहा। वहीं, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोल्ड डे यानी, दिन ठंडा रहने का अलर्ट है। उत्तर से बर्फीली हवा आने से एमपी के ऊपरी हिस्से में ठंड का असर बढ़ा है। इन जिलों में 10 डिग्री से नीचे तापमान
मध्यप्रदेश में शुक्रवार-शनिवार की रात में शिवपुरी में 4 डिग्री, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, दतिया में 4.6 डिग्री, नौगांव में 5 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री, मंडला में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.4 डिग्री और उमरिया में तापमान 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े 5 शहरों में ग्वालियर में सबसे कम 5.9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7.2 डिग्री, इंदौर में 6.9 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर
इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी। एमपी में मौसम के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे दिए गए ब्लॉग से गुजर जाइए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *