ठियोग पेयजल घोटाला, JE-SDO की ज्यादा लापरवाही:एक्सइन की भूमिका पर भी सवाल, FIR में जुड़ेंगे नाम, ठेकेदार-टैंकर मालिक-ड्राइवर पर भी मामला दर्ज होगा

हिमाचल में शिमला जिला के ठियोग पेयजल घोटाले में विजिलेंस जल्द 2 एक्सइन समेत 10 इंजीनियरों को पूछताछ के लिए तलब करेगी। निलंबित इंजीनियरों के साथ साथ ठेकेदारों, टैंकर ड्राइवर और टैंकर मालिक पर भी FIR हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने 10 इंजीनियरों के अलावा चार ठेकेदारों के खिलाफ भी FIR करने की सिफारिश की है। SIU जांच में टैंकर ड्राइवर और टैंकर मालिक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए है। विजिलेंस ने SIU की प्रारंभिक जांच के बाद ठियोग पेयजल घोटाले में FIR जरूर की है। मगर अभी नामजद FIR नहीं है। विजिलेंस ने इस केस के दस्तावेज इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं और ठियोग व कसुम्पटी जल शक्ति डिवीजन से पेयजल सप्लाई से जुड़े दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए। JE-SDO का ज्यादा ज्यादा रोल सूत्रों की माने तो अब तक की जांच में दोनों एक्सइन की भूमिका संदिग्ध जरूर रही है। मगर ज्यादा रोल JE, SDO और फील्ड स्टाफ का सामने आया है। विजिलेंस ने सभी निलंबित इंजीनियर को प्रदेश से बाहर नहीं जाने की हिदायत दी है। इन्हें जल्द जांच के लिए बुलाया जाएगा। जैसे जैसे इनका रोल पेयजल घोटाले में साबित होगा, उसके आधार पर FIR होगी। SIU जांच में न केवल पेयजल वितरण बल्कि टेंडर आवंटन में भी गड़बड़ी हुई है। जाने क्या है पूरा मामला ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने एक जनवरी को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेस करके 1.13 करोड़ रुपए का पेयजल घोटाला करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग ने बाइक, होंडा सिटी, ऑल्टो और डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर की गाड़ियों में पानी की ढुलाई दिखाई है। कई ऐसे गांव में भी टैंकर से पेयजल सप्लाई दिखाई गई जहां सड़क की सुविधा ही नहीं है। उन्होंने बाइक, होंडा सिटी, ऑल्टो और डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर की गाड़ी के नंबर भी शेयर किए, जिन पर पानी की ढुलाई दिखाई गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर 10 इंजीनियर सस्पेंड राकेश सिंघा के आरोपों के बाद बाद जल शक्ति विभाग ने प्रारंभिक जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने तीन जनवरी को 2 एक्सइन समेत 10 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद सरकार ने इस केस की जांच SIU को सौंपी। SIU की जांच में भी गड़बड़ी के आरोप सही पाए गए। SIU ने सरकार से इस केस में FIR करने की सिफारिश की। सरकार के निर्देशों पर बीते सप्ताह FIR कर दी गई है, लेकिन नामजद FIR नहीं है। विजिलेंस अब इंजीनियरों के साथ साथ ठेकेदार और फील्ड स्टाफ से पूछताछ के आधार पर इस केस की FIR में आरोपियों के नाम शामिल करेगी।

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