ठेकेदार बोला-रोड मेरे भाई MLA रविंद्र भाटी की:खराब रोड बनाने पर ग्रामीणों ने टोका तो गालियां दीं, कहा-एक-एक मार खाएगा, जूते मारूंगा

बाड़मेर में बेकार रोड बनाने को लेकर ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच बहस हो गई। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो ठेकेदार ने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा-रोड मेरे भाई रविंद्र सिंह भाटी की है। इतना ही नहीं ठेकेदार भवानी सिंह ने गांव वालों को ये तक कह दिया कि- पैरों में जूता पहना हुआ है, गांव से निकलते ही जूते मारूंगा। मामला 20 दिसम्बर का है। इसका वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ऑडियो जारी कर गांव वालों से माफी भी मांगी। हांलाकि ठेकेदार और विधायक के बीच कोई रिश्ता नहीं है। गांव वाले निर्माण देखने पहुंचे तो सड़क उखड़ने लगी थी दरअसल, शिव विधानसभा के देवका से मती का गोल तक 2.5 किलोमीटर रोड़ बनाने का ठेका मैसर्स भवानी सिंह तेजमालता के नाम से हुआ था। फर्म ने रोड का निर्माण पूरा कर दिया। इस दौरान 20 दिसंबर को ग्रामीणों ने रोड की क्वालिटी को चैक करने के लिए पहुंचे थे। तभी सड़क उखड़ गई। तब फर्म मालिक भवानीसिंह आए मौके पर आए और ग्रामीणों को कहने लगे कि रोड क्यों खोदी ? इस दौरान ग्रामीण भूर सिंह व अन्य के साथ बहसबाजी हो गई। इस पर ठेकेदार और फर्म मालिक भवानी सिंह ग्रामीणों को धमकाने लगा और गालियां भी दी। ग्रामीणों को गालियां दी और धमकाया, बोला-रविंद्र भाटी मेरा भाई ग्रामीणों ने बहसबाजी के दौरान ठेकेदार ने खुद को शिव विधायक का भाई बताया और कहा कि मैं अभी वीडियो बनाकर रविंद्र भाटी को भेजता हूंं। इस पर जब ग्रामीणों ने कहा विधायक हमने बनाया तो ठेकेदार ने गालियां देते हुए कहा- सब वोट तुम्हारे पास ही है क्या ? इस मामले में जब रविंद्र सिंह भाटी ने बातचीत की तो वे बोले- सभ्य समाज में ऐसी चीजों की कहीं भी जगह नहीं है। काम क्वालिटी के साथ होना चाहिए। इसके साथ किसी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का हक है गलत होने पर विरोध कर सकते है। ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत-ठेकेदार बार-बार कहता रहा रोड तुम्हारे बाप की नहीं… ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत ठेकेदार – ग्रामीणों को कहते हुए- इस रोड के इंजीनियर हो ? ग्रामीण- हम इंजीनियर नहीं है लेकिन रोड हमारे गांव में है। ये रोड हमारी है। ठेकेदार- रोड मेरी है। मैं पांच साल तक इसका धनी हूं। टेंडर नहीं है, पांच साल हमारी गारंटी है। ग्रामीण- रोड पर माल नहीं आया हुआ है, रोड खुदी पड़ी है। ठेकेदार- माल कैसे नहीं आया है। तुम लोगों ने खोदी है। एईएन साहब से बात कर एफआईआर करवा रहा हूं। ग्रामीण- करवा दो एफआईआर, तुम्हारी एक एफआईआर से दबेंगे नहीं। ठेकेदार- पैरों में जूते पहने हुए है। देवका गांव से निकलते ही जूते मारूंगा। ग्रामीण- आपने ठेका लिया है ? ठेकेदार- जूते मारूंगा, बहुत दिन मजाक किया है। ग्रामीण- रोड के रुपए लग रहे है। ठेकेदार- बापूजी के नहीं लग रहे है। गालियां देते हु….आया जागीरदार। ग्रामीण – हम नहीं है जागीरदार। ठेकेदार- आपका इसमें क्या लेना-देना है ? ग्रामीण- हम रोड देख सकते है। ठेकेदार- आपको किसी ने ऑथोराइज किया है क्या ? ग्रामीण- हां… ऑथोराइज है। ठेकेदार- एमएलए ने ऑथोराइज किया है। गांव की रोड बने, लाड साहब गांव का धनी। ग्रामीण- गांव के तो धनी है ही। ठेकेदार- धनी थे कोनी हो, धनी है तेजमालता… मेरे बाप की जागीरी का गांव है। ग्रामीण- आपके बाप की जागीरी है तो ऐसा काम करवाएंगे क्या ? ठेकेदार- सरकार देती है वैसा काम करवा रहा हूं। ग्रामीण- सरकार इतना देती है और ये हमारी नई सेक्शन है। ठेकेदार- तुम्हारी नई सेक्शन या पुरानी, फालतू बकवास कर रहे हो। गालियां देते हुए….। ग्रामीण- देख लेंगे जो भी बिखरेगा। हमारे रोड सही बना दो। ठेकेदार- आप लोग मेरे धनी हो क्या ? इनके बाप के पैसे लग रहे है क्या ? ग्रामीण- सरकार के पैसे है( ठेकेदार- सरकार कौन है, आप सरकार से क्या मांगते हो, सरकार जैसी तुम्हारी है वैसी हमारी नहीं है क्या ? ग्रामीण- आपकी है तभी ऐसा बोल रह हो। ठेकेदार- फालतू बकवास कर रहे हो। गालियां देते हुए…मेरा नाम भवानी है। लाड साहब.. मेरी बनाई रोड तोड़ रहे हो… मेरे जूते पहनकर रख हुए है। ग्रामीण- किसने तोड़ी, बच्चों ने तोड़ी है। ठेकेदार- आप लोगों ने तुड़वाई है। बच्चे किसके है ? यहां के है या फिर बाहर से आए है ? ग्रामीण- चलते बच्चे देख रहे थे। ठेकेदार- तोड़े क्यूं इनके बाप की है रोड, करोड़ों रुपए मैं लगा रहा हूं। ग्रामीण- सरकार की है रोड। ठेकेदार- सरकार की है इस पर कोई भी चल सकता है। चलते आदमी को रोका है तुमने। जागीरदार…गालियां देते हुए… तीन पैसे का है। ग्रामीण- हम क्यूं रोकेंगे ? ठेकेदार- जो करना है कर लो। गालियां देते हुए धमकी दी…मेरे भाइयों के डेढ़ सौ गांव है, मन क्या जान रहे हो। ग्रामीण- मैंने आपको कुछ कहा ही नहीं। ठेकेदार- तेरे बाप का लेना-देना नहीं, रोड मेरे भाई एमएलए की है। रोड बनाऊं सरकार की, एईएन सरकार का। तो क्यों तोड़ी, आपके बाप का बंट है क्या? ग्रामीण- जगह-जगह गड्ढे किए हुए है। पाइप लाइन निकाल रहे है। ठेकेदार- क्यों गड्‌ढे करोंगे। परमिशन लेनी चाहिए। पांच साल तक इस रोड का मैं धनी हूं। मैं वीडियो बनाता हूं अभी भेजता हूं रविंद्र सिंह को। ग्रामीण- रविंद्र को हमने बनाया तब विधायक बना है। ठेकेदार- गालियां देते हुए…तुमने नहीं बनाया, सब वोट तुम्हारे पास ही है। तुम्हारा इस रोड से क्या लेना-देना है। पांच साल तक इस रोड की मेरी जिम्मेदारी है। एक-एक मार खाएगा, गालियां देते हुए… मेरी रोड बनाई हुई तुम तोड़ोंगे क्या ?

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