पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने आज खन्ना में मीडिया से बात करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल मरण व्रत मामले में केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले नरेंद्र मोदी तीनों खेती कानून वापस लेने का ऐलान करके अपने वादों से मुकरे और अब भी किसानी पर सियासत हो रही है। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की अमित शाह से मुलाकात को पॉलिटिकल स्टंट बताया। खेती कानूनों को टेढ़े रास्ते से लागू करने की कोशिश कैबिनेट मंत्री सौंध ने कहा कि केंद्र सरकार खेती कानूनों को टेढ़े रास्ते से लागू करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के आंदोलन से हार मानकर श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर खुद लाइव होकर तीनों कानून वापस लेने का ऐलान किया था। फिर किसानों की मांग पर इन्हें पार्लियामेंट में रद्द कराया गया। लेकिन इसे लेकर आज तक नोटिफिकेशन लागू नहीं किया गया। उल्टा टेढ़े रास्ते केंद्र सरकार इन कानूनों को लागू करने की कोशिश कर रही है। कभी धान के सीजन में दिक्कतें पैदा की जाती हैं तो कभी मंडीकरण सिस्टम खत्म करने की कोशिश। पंजाब में आम आदमी पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी। सांप निकलने के बाद लाठी पीट रहे कैप्टन कैबिनेट मंत्री सौंध ने पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात पर कहा कि कैप्टन का जमाना गया। अब तो कैप्टन सांप निकलने के बाद लाठी पीट रहे हैं। उन्हें कोई नहीं पूछता। अगर वो किसानों के इतने हमदर्द होते तो भाजपा में शामिल न होते। जिस पार्टी ने पंजाब को बर्बाद किया, कैप्टन उसकी गोद में बैठे हैं।


