सेंट्रल जीएसटी ने 15 करोड़ की टैक्स चोरी के आरोप में कारोबारी कार्तिक अग्रवाल और शील पांचाल को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को 10 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया। जीएसटी के अपर आयुक्त सालिक परवेज़ ने बताया कि दोनों कारोबारी पायरोल फ्यूल के निदेशक हैं। यह कंपनी सड़क निर्माण करने वाली कंपनियों को डामर बनाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन सप्लाई करती है। ये ईंधन किसी भी ऑयल रिफाइनरी से बायप्रोडक्ट के रूप में निकलता है और इसे खुले बाज़ार में बेचा नहीं जा सकता। व्यापार करने भी ये बड़ी मुश्किल से मिलता है। इसे प्राप्त करने के दो ही जरिये हैं – या तो इम्पोर्ट करके या सीधे किसी रिफाइनरी से। कारोबारियों पर इसी ईंधन की कालाबाजारी का आरोप है। ये स्पष्ट नहीं है कि कारोबारी ये ईंधन कहां से खरीद रहे थे क्योंकि रिकॉर्ड में उन्हें सप्लाई करने वाले व्यापारी फर्जी पाए गए। फर्जी खरीदारी दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया और इनपुट टैक्स क्रेडिट से अपने टैक्स को भरा। जांच के बाद जीएसटी विभाग ने दोनों कारोबारियों के कुल 4 ठिकानों पर सर्चिंग की।


