भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में 0 से 5 वर्ष के बच्चों की जान बचाने के लिए स्टॉप डायरिया अभियान 2025 की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। इसका मकसद डायरिया से बच्चों की मौत रोकना है। समय पर इलाज और सही देखभाल से बच्चों की जान बचाई जा सकती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल राज ने बताया कि मितानिनें हर घर जाकर 2 ओआरएस पैकेट और 14 जिंक टैबलेट दे रही हैं। ओआरएस घोल बनाने की विधि भी सिखाई जा रही है। इसके साथ ही उपयोग का तरीका और उसका महत्व भी बताया जा रहा है। मितानिनें माताओं को डायरिया के लक्षण और साफ-सफाई की जानकारी भी दे रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी और आईपीडी वार्डों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर बनाए जा रहे हैं। ये कॉर्नर अस्पताल के मुख्य द्वार के पास लगाए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत इलाज मिल सके। इससे जिले में शिशु मृत्यु दर घटाने में मदद मिलेगी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने बताया कि एएनएम टीकाकरण सत्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में ओआरएस और जिंक की उपयोगिता समझा रही हैं। दस्त के समय मां के दूध की अहमियत, हाथ धोने की आदत और शौचालय के उपयोग पर भी जागरूकता फैलाई जा रही है। चिरायु दल स्कूलों में बच्चों को हाथ धोने का तरीका, डायरिया के कारण और बचाव के उपाय सिखा रहे हैं।


