छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा होगा जब जमीन डायवर्सन का काम घर बैठे ऑनलाइन हो जाएगा। अभी कृषि जमीन को आवासीय या आवासीय जमीन को कमर्शियल कराने में कम से कम दो से तीन माह का समय लग रहा था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। लोगों को 15 दिन में ही आदेश मिल जाएगा। डायवर्सन कराने के लिए लोगों को बार-बार तहसीलों में नहीं जाना पड़ेगा। आरआई-पटवारियों के पीछे नहीं घूमना पड़ेगा। जमीन के मामलों में लोगों को बड़ी राहत दी गई है। इतना ही नहीं अब डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की भी जरूरत नहीं है। राजस्व विभाग ने इस आदेश की अधिसूचना राजपत्र में भी प्रकाशित कर दी है। राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगम व नगर पालिका की सीमा, नगर निगम एवं नगर पालिका की बाहरी सीमा से 5 किमी का क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्रों, नगर पंचायत की बाहरी सीमाओं से 2 किमी के क्षेत्रों एवं ग्रामीण इलाकों में जमीन के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की जरूरत नहीं है। सक्षम प्राधिकारी की ओर से ही ऐसी जमीनों का पुनर्निर्धारण कर दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस नई ऑनलाइन व्यवस्था से डायवर्सन का सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी हो जाएगा। डायवर्सन के हर आवेदन में समय सीमा लॉक हो जाएगी। गांवों से लेकर शहरों तक किसानों और जमीन मालिकों को एसडीएम दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जानिए… कैसे काम करेगा ऑनलाइन सिस्टम नए सिस्टम के तहत जमीन का डायवर्सन कराने के लिए जमीन मालिक को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम दर यानी डायवर्सन फीस का ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। यह आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम के पास ऑनलाइन ही पहुंचेगा। यह तक की प्रक्रिया में कोई भी काम मैन्युअल नहीं होगा। नए नियम के अनुसार एसडीएम को 15 दिन के भीतर डायवर्सन का आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। क्योंकि तय समय में एसडीएम आदेश जारी नहीं करते हैं तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश जारी जाएगा। आवेदनकर्ता का डायवर्सन ऑटोमेटिक मान्य हो जाएगा। प्रीमियम दरें लागू होगी, 3 से 25 रुपए प्रति वर्गमीटर शुल्क नए सिस्टम में डायवर्सन के लिए प्रीमियम दरें तय की गई हैं। अधिसूचना के अनुसार लगभग 3 रुपए प्रति वर्गमीटर से 25 रुपए प्रति वर्गमीटर तक की ये दरें होंगी। ये दरें नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग होंगी। शहर में आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा और विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के अनुसार भी अलग-अलग प्रीमियम दरें लागू होंगी। यानी जिस इलाके की जमीन का लैंड यूज चेंज कराना है उसी इलाके की कीमत के अनुसार ही प्रति वर्गमीटर की दर तय की जाएगी। कोई भी अतिरिक्त रकम नहीं मांग सकेगा डायवर्सन कराने के लिए लोगों से अभी जमीन दलाल, कॉलोनी वाले या कॉलोनाइजर अतिरिक्त रकम की मांग करते हैं। खासतौर पर कृषि जमीन को आवासीय में बदलने के लिए लोगों से ज्यादा रकम मांगी जाती है। अब सबकुछ ऑनलाइन होने की वजह से लोगों को किसी को भी अतिरिक्त रकम देने की जरूरत नहीं होगी। जो प्रीमियम दर तय होगी केवल उसी का भुगतान करना होगा वो भी ऑनलाइन।


