डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को जानकारी दी कि जिले को एनीमिया मुक्त घोषित करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत, 19 जनवरी को एक साथ 620 केंद्रों पर बालिकाओं और महिलाओं की एनीमिया स्क्रीनिंग के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान को ‘सुगढ टूरी’ नाम दिया गया है। इसका लक्ष्य 50,000 बालिकाओं और महिलाओं की स्क्रीनिंग करना है। इसके लिए कुल 5,200 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्क्रीनिंग शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। स्कूलों में 38,675 बालिकाएं नामांकित हैं, जबकि 433 बालिकाएं स्कूल छोड़ चुकी हैं। प्रत्येक केंद्र पर 200 से अधिक संख्या होने पर आठ कर्मचारी और 200 से कम संख्या होने पर सात कर्मचारी तैनात रहेंगे। अभियान की निगरानी के लिए 62 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मॉनिटरिंग कक्ष में 20 कर्मचारी, बैकअप टीम में 15 कर्मचारी और वाहन सहायता के लिए 15 कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की जांच, उपचार और उनका फॉलोअप सुनिश्चित करना है। साथ ही, उन्हें आयरन युक्त आहार और पोषण के प्रति जागरूक करना तथा संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना भी शामिल है। स्क्रीनिंग कराने की अपील मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने सभी बालिकाओं और गर्भवती महिलाओं से केंद्रों पर पहुंचकर स्क्रीनिंग कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे उनका डेटा तैयार हो सकेगा और बेहतर इलाज संभव होगा। रक्त के नमूने लेकर हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की जाएगी, ताकि कम हीमोग्लोबिन या उच्च जोखिम वाली महिलाओं का उचित उपचार किया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी और महिला बाल विकास अधिकारी श्याम सिंगोर भी उपस्थित थे।


